पर्यावरण की सुरक्षा और हरियाली को निखारने के लिए विकास प्राधिकरण (बीडीए) अब नई पहल कर रहा है। शहर की सड़क के दोनों तरफ विशेष प्रकार के पौधे लगातार उसे वृक्ष के नाम पर पहचान देने की पहल शुरू की है। रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर पांच की मुख्य मार्ग पर मौलश्री के पौधे लगाकर मौलश्री रोड नाम रख इसकी शुरुआत कर दी है। योजना के तहत इस वर्ष 40 से अधिक सड़क को नई पहचान दी जाएगी। स्मार्ट सिटी में बीते कुछ वर्ष में बेतहाशा ढंग से हुई वृक्षों की कटाई से वृक्ष लुप्त होते जा रहे हैं। पेड़ों के कटने और शहरीकरण तेजी से बढ़ने से प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। इसको देखते हुए बरेली विकास प्राधिकरण पर्यावरण सुरक्षा और शुद्ध वातावरण के लिए सड़क के दोनों तरफ पौधारोपण कर रहा है। सड़क किनारे पौधे लगाकर उसी के नाम सड़क की पहचान दी जा रही है। रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर पांच में मौलश्री वाली रोड का नाम रखने के बाद अब एक्जीक्यूटिव क्लब रोड को गुलमोहर रोड और दोहरा रोड को पीपल वाली रोड का नाम किए जाने की तैयारी है। इसके लिए सड़क किनारे पौधे लगाने का काम तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष 30 हजार से अधिक फल व छायादार के साथ औषधीय पौधे लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रहा है। बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए रामगंगा नगर में ही बीडीए ने एक हेक्टेयर में मियावाकी वन तैयार करने का निर्णय लिया है। इसमें भी 20 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। यह पौधे दो से ढाई वर्ष में वृक्ष समान तैयार होकर शुद्ध हवा देने में सक्षम हो जाएंगे। बीडीए सचिव योगेंद्र कुमार ने बताया कि सेक्टर एक में नवग्रह और हर्बल पार्क भी विकसित करने की योजना बनाई है। इसमें औषधीय गुण वाले ब्राम्ही, सतावर, घृत कुमारी अश्वगंधा, मीठी नीम, गिलोय, तुलसी, अशोक जैसे कई अन्य प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे। योजना में 15 स्थानों पर हर्बल पार्क विकसित करने की योजना बनाई गई है। वहीं ग्रेटर बरेली में रामायण वाटिका में रामायण कालीन पौधे लगाए जाएंगे। इसमें दस हजार पौधे लगाने की योजना है।
अब पेड़ों के नाम से जानी जाएंगी बरेली की सड़कें