गुवाहाटी : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज शुक्रवार को कहा कि बजट में इस बार रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपए का पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान है। इस वर्ष का आवंटन अब तक का सर्वाधिक परिव्यय है, जो वित्तीय वर्ष 2013-14 में किए गए परिव्यय का लगभग 9 गुना और पिछले वर्ष की तुलना में 51 प्रतिशत अधिक है। श्री वैष्णव ने उपरोक्त आशय की बातें आज रेल बजट 2023-24 के संबंध में नई दिल्ली से वर्चुअली गुवाहाटी स्थित संवाददाताओं के साथ बातचीत में कही। मौके पर उपस्थित पत्रकारों से गुफ्तगू करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में 59 स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रियों के लिए बेहतर सवारी अनुभव और आरामदायक यात्रा के लिए पूर्वोत्तर में 310 पुराने ट्रेन कोचों को एलएचबी कोच में बदला जाएगा। पिछले वर्ष के दौरान असम में 445 किलोमीटर रेल पटरियों का विद्युतीकृत किया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पू. सी. रेल के सभी मंडलों में प्रति 15 स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे के बुनियादी ढांचे के समग्र विकास के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया गया है। पहली बार 1.20 लाख करोड़ रुपए की योजना राशि के साथ पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने की परिकल्पना की गई है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पू. सी. रेल के लिए सकल बजट आवंटन 10,988.80 करोड़ रुपए का है। यह पिछले वर्ष के आवंटन (9,660.14 करोड़ रुपए) से 13.75 प्रतिशत अधिक है। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 10,269 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है यानी पिछले साल से करीब 300 करोड़ रुपए अधिक है। इस वर्ष का बजट आवंटन नई लाइन और दोहरीकरण परियोजनाओं, ट्रैक नवीनीकरण कार्यों, परिवहन सुविधाएं, सड़क सुरक्षा कार्यों, पुल कार्यों, सिगनलिंग, कारखाना आधुनिकीकरण और ग्राहक सुविधाओं आदि जैसे कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्शाता है। नई लाइनों के लिए लगभग 6591 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं जबकि रेल पटरियों के दोहरीकरण के लिए 1364 करोड़ रुपए हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि समग्र पूर्वोत्तर क्षेत्रों में 75,795 करोड़ रुपए की कुल रेलवे अवसंरचना परियोजनाएं चल रही है। चल रहे सभी कार्यों के शीघ्र निष्पादन के लिए पर्याप्त आवंटन किया गया है। डिमापुर- कोहिमा नई लाइन परियोजनाओं के लिए करीब 1100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं,जबकि जिरिबाम -इंफाल नई लाइन परियोजनाओं के निष्पादन के लिए 800 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में अन्य राजधानी संपर्क परियोजनाएं जैसे सिक्किम में सेवक - रंगपो नई लाइन परियोजनाओं के लिए 2350 करोड़ रुपए, मिजोरम में बइरबी - साईरंग नई लाइन परियोजनाओं के लिए 915 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। अन्य नई लाइन परियोजनाओं में भारत और बांग्लादेश के बीच अगरतला-अखौरा अंतर्राष्ट्रीय संपर्क परियोजना के लिए 200 करोड़ और अररिया - गलगलिया परियोजना के लिए लगभग 700 रुपए करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। न्यू बंगाईगांव–रंगिया-कामाख्या और न्यू बंगाईगांव–गोवालपारा-कामाख्या में चल रहे रेल पटरियों के दोहरीकरण कार्यों के तेजी से निष्पादन के लिए क्रमशः 600 करोड़ रु. और 500 करोड़ रु. आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा कटिहार - कुमेदपुर और कटिहार - मुकुरिया अनुभागों के बीच दोहरीकरण कार्यों के लिए 115 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं ताकि पूर्वोत्तर के लिए ट्रेन कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि गुवाहाटी के निकट आगियाठरी स्टेशन को 517 करोड़ रुपए की लागत से विश्व स्तर की सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जाएगा। रेलमंत्री के वर्चुअली जोड़ने से पहले संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एनएफ रेलवे के महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता ने कहा कि इस बार के बजट में पूर्वोत्तर का विशेष ध्यान रखा गया है। दूसरी ओर एनएफ रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कारगर कदम उठा रही है। रेल को पूर्वोत्तर की सभी राजधानियों से जोड़ने का प्रयास निरंतर जारी है। दूसरी ओर बांग्लादेश के साथ व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए रेल को वहां तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है। इस मौके पर पू. सी. रेल के महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता और मुख्यालय के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी भी उपस्थित थे। समानान्तर कार्यक्रम पू. सी. रेल के सभी मंडलों में भी आयोजित किया गया, जहां मंडल रेल प्रबंधकों ने हिस्सा लिया।