डिजिटल डेस्क: दिल्ली नगर निगम में मेयर चुनाव को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सबसे पहले मेयर चुनाव कराने का आदेश दिया और साथ ही कोर्ट ने कहा की इसके बाद डिप्टी मेयर का चुनाव कराया जाए। कोर्ट ने साथ ही यह भी साफ कर दिया है की नॉमिनेटेड सदस्यों को मेयर चुनाव में वोटिंग का अधिकार नहीं होगा, तथा कोर्ट ने यह भी कहा कि मेयर के चुनाव से संबंधित बैठक 24 घंटे के भीतर तय की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ साफ कहा है की संविधान के अनुसार दिल्ली MCD मेयर चुनाव में मनोनीत सदस्यों को वोटिंग का अधिकार नहीं है और सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा की MCD की पहली बैठक में मेयर का चुनाव पहले होगा, और सुप्रीम कोर्ट के द्वारा साफ कहा गया है की चुना हुआ मेयर डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव कराएगा।
दरअसल, दिल्ली नगम चुनाव के परिणाम के बाद बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने सामने आ गई थी और चुनाव में दोनों दलों में हार-जीत का अंतर बेहद कम था,अब ऐसे में आम आदमी पार्टी की तरफ से आरोप लगाए जा रहे थे कि बीजेपी कुर्सी पर नजर गराए हुई है और वह आप के चुने गए सदस्यों को लुभाने की कोशिश कर रही है।
अब ऐसे में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव मानो जंग में तब्दील हो गया हो। मेयर-डिप्टी मेयर के चुनाव के दौरान बीजेपी और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के बीच हाथापाई भी देखी गई थी और आप नेता दावा कर रहे थे कि बीजेपी उसके पार्षदों को करोड़ों रुपए का ऑफर दे रही है, ताकि कुर्सी हासिल कर सके।