नई दिल्ली : ट्विटर ने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2स्न्र) मेथड को लेकर एक नई अनाउंसमेंट की है। शुक्रवार को ट्विटर ने कहा कि अब वो केवल अपने पेड सब्सक्राइबर्स को ही अकाउंट्स को सिक्योर करने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन मेथड के तहत टेक्स्ट मैसेजेस को यूज करने की परमिशन देगा। कंपनी ने ट्वीट कर लिखा कि 20 मार्च के बाद से केवल ट्विटर ब्लू सब्सक्राइबर ही टेक्स्ट मैसेजेस को अपने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2स्न्र) मेथड के तौर पर यूज कर पाएंगे।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के जरिए अकाउंट्स को ज्यादा सिक्योर बनाने के  लिए अकाउंट होल्डर को पासवर्ड के अलावा सेकेंड ऑथेंटिकेशन मेथड का यूज करने को मिलता है। ट्विटर अभी टेक्स्ट मैसेज, ऑथेंटिकेशन ऐप और एक सिक्योरिटी-की के जरिए 2स्न्र की परमिशन देता है। इससे पहले कंपनी ने बुधवार को ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि उसका मानना है कि फोन-नंबर-बेस्ड 2स्न्र का हैकर्स द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है।

ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने हाल ही में एक यूजर के ट्वीट का रिप्लाई करते हुए कहा था कि कंपनी ने अपनी पॉलिसी बदल दी है। पिछले महीने ट्विटर ने कहा था कि वह एंड्रॉयड के लिए ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन की कीमत 11 डॉलर (910 रुपए) प्रति माह रखेगी, जो कि द्बह्रस् सब्सक्राइबर्स के लिए भी है। ट्विटर में पहले ब्लू चेक मार्क पॉलिटिशियंस, फेमस पर्सनालिटीज, जर्नलिस्ट्स और अन्य पब्लिक फिगर्स के वेरिफाइड अकाउंट के लिए फ्री था।