गुवाहाटीः पूर्वोत्तर के मुख्यद्वार गुवाहाटी में भी दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड जैसी घटना घटी है, परंतु इस वारदात में पत्नी ने पति और अपनी सास की हत्या कर दी और फ्रिज में तीन दिनों तक रखने के बाद उन्हें ठिकाना लगाया। हत्या की आरोपी महिला ने शवों को टुकड़े- टुकड़े कर दो पॉलीथिनों में भरकर मेघालय के दाउकी रोड के पहाड़ी इलाके के करीब 50-60 फीट गहरी खाई में फेंक दिया। घटना के सात माह बाद मामला प्रकाश में आया है।

पुलिस के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि शहर के नारंगी स्थित एसबीआई बैंक के पास के निवासी अमरज्योति डे की शादी कुछ साल पहले बंदना कलिता से हुई थी। कुछ दिनों तक पति-पत्नी के बीच अच्छे संबंध रहे, लेकिन कुछ दिनों के बाद बंदना काधनंजीत डेका नामक एक युवक के साथ अवैध प्रेम हो गया। बाद में बंदना और उसके पति अमरज्योति डे के बीच अकसर झगड़ा होने लगा। अमरज्योति की मां शंकरी डे शहर के चांदमारी इलाके में पांच इमारतों की मालकिन थीं। एक बिल्डिंग में मां अकेली रहती थीं। अन्य चार भवनों को किराए में दे रखा था। उसका किराया अमरज्योति डे का मामा वसूलता था। इस बात से अमरज्योति डे की पत्नी बंदना कलिता काफी खफा थी। इन कारणों से बंदना और अमरज्योति का तलाक होने जा रहा था। इसी बीच बंदना ने सात माह पहले पति अमरज्योति डे और सास शंकरी डे के लापता होने की एक शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया। पहली शिकायत पर जांच जारी रहने के बीच बंदना ने दूसरी शिकायत दर्ज कर अमरज्योति के मामा पर सास के बैंक अकाउंट से पांच लाख रुपए के गबन करने का मामला दर्ज करवाया। इस सिलसिले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पांच खातों से निकासी की जांच की और पाया कि बंदना ने एटीएम का इस्तेमाल कर एक खाते से पांच लाख रुपए निकाले थे। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस को बंदना पर शक हो गया। बाद में पुलिस ने 17 फरवरी में बंदना को गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में पति अमरज्योति डे और अपनी सास शंकरी डे कीे हत्या की बात स्वीकार कर ली। बंदना ने चांदमारी की इमारत में अपनी सास की हत्या अरूप दास नामक एक युवक की मदद से की थी।

बंदना ने अरूप दास की मदद से मुंह पर पट्टी लगाकर सास शंकरी की हत्या की थी। सास के शव को चाकू से टुकड़े-टुकड़े कर तीन दिनों तक फ्रिज में रखा गया। तीन दिन बाद बंदना ने धनजीत डेका की मदद से नारंगी में अपने आवास पर अपने पति अमरज्योति डे की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी। अमरज्योति के शव को भी चाकू से टुकड़े-टुकड़े कर पॉलीथिन में डाल दिया। इसके बाद मेघालय के दाउकी में तीनों हत्यारों ने मिलकर पॉलीथिनों को फेंक आए। पुलिस ने धनजीत डेका को कल तिनसुकिया से गिरफ्तार किया और अरूप दास को खानापाड़ा से गिरफ्तार किया। दोनों को नुनमाटी थाने में लाया गया। आज सुबह तीनों को साथ लेकर नुनमाटी पुलिस मेघालय के दाउकी पहुंची। पुलिस ने गहरी खाई से शव के कई हिस्से बरामद किए। पुलिस को शक है कि दोनों हत्याओं में कोई बड़ा गिरोह शामिल है।