गुवाहाटीः गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को असम के 31वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने यहां श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में हुए समारोह में कटारिया को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रहे कटारिया ने जगदीश मुखी का स्थान लिया है, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद रविवार को पद छोड़ दिया। शपथ लेने के बाद राज्यपाल ने कहा, असम जैसे खूबसूरत राज्य के राज्यपाल के रूप में सबसे बड़े वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के नाम पर शपथ लेना एक सम्मान की बात है, जो असम के सामाजिक-सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव के लिए जाने जाते हैं। मैंने भारतीय संविधान के आदर्शों की सेवा करने और असम के लोगों के हितों की सेवा करने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए अपना जीवन समर्पित करने की शपथ ली है।
मैं निश्चित रूप से पूरी ईमानदारी के साथ संविधान के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करूंगा। मुझे उम्मीद है कि राज्य के चहुंमुखी विकास में सहायता के लिए राज्य के लोग राज्यपाल के कार्यालय को अपना अधिकतम समर्थन देंगे। मैं माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को असम के लोगों की सेवा करने के लिए इस महत्वपूर्ण पद के लिए मुझे चुनने के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने उनके शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया और कटारिया को असम के सर्वोच्च संवैधानिक पद संभालने पर बधाई दी और कामना की कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास की गति को तेज करेगी। शपथ ग्रहण समारोह में असम की प्रथम महिला अनीता कटारिया, असम विधान सभा के अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले, और राज्य सरकार के अन्य मंत्री जिनमें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री केशव महंत, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री रंजीत दास, कृषि मंत्री अतुल बोरा, वित्त मंत्री अजंता नियोग, ऊर्जा मंत्री नंदिता गोरलोसा, पर्यटन मंत्री जयंत मल्ल बरुवा, वन मंत्री परिमल शुक्लवैद्य, हथकरघा और कपड़ा मंत्री यूजी ब्रह्म, सांस्कृतिक मामलों के मंत्री बिमल बोरा, सांसद म्ीन ओजा, बीटीसी प्रमुख प्रमोद बोरो, मुख्य सचिव पबन कुमार बरठाकुर के अलावा प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने से पहले कटारिया ने कामाख्या मंदिर का दौरा किया और राज्य के सभी वर्गों के लोगों के कल्याण के लिए देवी कामाख्या की पूजा की। गौरतलब है कि गुलाब चंद कटारिया राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले हैं। कटारिया (79) राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार में गृह मंत्री रहे थे। असम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति से पहले वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। 31 मई 2004 से 8 दिसंबर 2008 तक और फिर 2015 से 2018 तक राजस्थान सरकार में गृह मंत्री रहे। वे राजस्थान से भाजपा के वरिष्ठ नेता थे और पार्टी की केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी थे। वे 24 अगस्त 2002 से दिसंबर 2003 तक, फिर से 21 फरवरी 2013 से 10 दिसंबर 2013 तक और 17 जनवरी 2019 से 2023 में राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति तक राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। कटारिया ने 1993 से 1998 तक राज्य के शिक्षा मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
उन्होंने 8 दिसंबर 2003 से 30 मई 2004 तक लोक निर्माण विभाग मंत्री के रूप में भी कार्य किया। वे 2013 से 2015 तक पंचायती राज और ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन और राहत विभाग के मंत्री थे। गुलाब चंद कटारिया का जन्म 13 अक्तूबर 1944 को स्वर्गीय हुकमी चंद कटारिया और स्वर्गीय लहरी बाई के यहां हुआ था। उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से भूगोल में स्नातकोत्तर किया। उन्होंने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से कानून की पढ़ाई भी की। उनका विवाह अनीता कटारिया से हुआ है और उनकी 5 बेटियां हैं। उन्हें 5 सितंबर, 2006 को जीवनमल नाहटा मेमोरियल ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा उत्कृृष्ट शिक्षक पुरस्कार भी मिला।