गुवाहाटी/नई दिल्लीः कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी के लिए असम पुलिस ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी में हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। दरअसल पवन खेड़ा की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली में करीब साढ़े चार घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला और सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर ड्रामा खत्म हुआ। प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित टिप्पणी के लिए असम पुलिस ने इससे पहले भी विपक्ष के एक प्रवक्ता को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख खेड़ा को जब गिरफ्तार किया उस वक्त वह पार्टी के राष्ट्रीय महाधिवेशन में भाग लेने के लिए रायपुर जा रहे थे।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें असम पुलिस के अनुरोध पर दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। हम सिर्फ उनका (असम पुलिस) सहयोग कर रहे थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया कि असम पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को 28 फरवरी तक अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए।प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि दिल्ली में सक्षम मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर खेड़ा को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया जाये। खेड़ा से पहले, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रवक्ता साकेत गोखले को इसी तरह पिछले साल दिसंबर में जयपुर से गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उन्हें असम ले जाया गया था।
न्यायालय ने असम और उत्तर प्रदेश राज्यों को नोटिस जारी कर खेड़ा की उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणियों को लेकर असम और उत्तर प्रदेश के लखनऊ तथा वाराणसी में उनके खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने का अनुरोध किया गया है। खेड़ा के खिलाफ प्रधानमंत्री के बारे में उनकी कथित टिप्पणी के लिए असम के हाफलांग थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 153 बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ प्रभाव डालने वाले बयान देना, लांछन लगाना), 500 (मानहानि) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) शामिल हैं।
डिमा हसाओ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयंक कुमार ने बताया कि मोदी और अन्य मुद्दों पर खेड़ा की टिप्पणियों को लेकर बुधवार को सैमुअल चांगसन नामक व्यक्ति ने हाफलांग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। एसपी ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ उनकी (खेड़ा) टिप्पणी प्राथमिकी का एक हिस्सा है। अन्य शिकायतें भी हैं। आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुमार ने कहा कि धाराएं गैर जमानती हैं और पुलिस की एक टीम मामले की जांच के लिए पहले ही राष्ट्रीय राजधानी जा चुकी है।
टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले को अक्टूबर में एक झूलता पुल के गिरने के बाद गुजरात के मोरबी शहर में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बारे में कथित फर्जी समाचार रिपोर्ट का समर्थन करने वाले ट्वीट के लिए दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था। गोखले को राजस्थान के जयपुर में हिरासत में लेने के बाद अहमदाबाद ले जाया गया और फिर असम ले जाया गया। उन्हें मामले में जमानत मिल गई थी। इससे पूर्व, खेड़ा को दिल्ली पुलिस ने विमान से उतारने के लिए कहा था। कांग्रेस नेता विरोध में धरने पर बैठ गए और बिना गिरफ्तारी वारंट के उन्हें ले जाने पर एतराज जताया। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बाद में असम पुलिस से लेकर एक दस्तावेज उन्हें सौंपा जिसमें उन्होंने खेड़ा को हिरासत में लेने में मदद मांगी थी।
खेड़ा के विमान से उतरने के बाद पार्टी के कई नेता विमान से उतर गए और वहीं धरने पर बैठ गए। खेड़ा के साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, महासचिव रणदीप सुरजेवाला, तारिक अनवर, अविनाश पांडे, प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और कई नेता धरने पर बैठे। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। घरेलू हवाई अड्डे के टर्मिनल-एक पर हंगामा बढ़ने पर फ्लाइट स्टाफ ने बताया कि खेड़ा के बैग को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति थी। उन्होंने कहा कि पुलिस आने वाली है और वह खेड़ा को स्थिति से अवगत कराएगी।
उड़ान में मौजूद कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्विटर पर कहा कि हम सभी इंडिगो की रायपुर जाने वाली 6ई 204 उड़ान में थे और अचानक मेरे साथी पवन खेड़ा को विमान से नीचे उतरने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि यह किस तरह की मनमानी है? कोई कानून का शासन है या नहीं? यह किस आधार पर और किसके आदेश पर किया जा रहा है? कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने खेड़ा को रायपुर जाने वाली उड़ान से नीचे उतारे जाने के बाद सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या भारत ‘बनाना रिपब्लिक’ बन गया है।