नईदिल्ली : पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है। त्रिपुरा में 16 फरवरी को और मेघालय-नगालैंड में 27 फरवरी को मतदान हुआ था। वोटिंग के बाद सोमवार शाम को आए एग्जिट पोल्स में त्रिपुरा में भाजपा गठबंधन को बहुमत का अनुमान लगाया गया है। मेघालय में किसी को स्पष्ट बहुमत न मिलने के आसार हैं। वहीं नगालैंड में भाजपा गठबंधन के सत्ता में लौटने का अनुमान लगाया गया है। सोमवार को वोटिंग खत्म होने के बाद इंडिया टुडे- एक्सिस माय इंडिया, जी न्यूज-मेट्राइस और न्यूज 18-सी वोटर्स ने एग्जिट पोल जारी किया। ये आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं, इसलिए इनमें फेरबदल भी हो सकता है। चुनाव आयोग ने नॉर्थ-ईस्ट के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में विधानसभा चुनाव का ऐलान 18 जनवरी को किया था। तीनों राज्यों में फरवरी की 16 और 27 तारीख को वोटिंग हुई।

त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव में 16 फरवरी को करीब 86.10 प्रतिशत मतदान हुआ। इससे पहले 2018 में त्रिपुरा में 90 प्रतिशत मतदान हुआ था और सरकार भाजपा ने बनाई थी। इस बार वोटिंग का आंकड़ा चार प्रतिशत कम है। इस बार राज्य में कुल 3,337 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। चुनाव में 28.13 लाख जनता ने 259 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया। इससे पहले, 2018 में 59 सीटों पर चुनाव हुए थे। बीजेपी 35 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इसके साथ ही भाजपा ने लेफ्ट के 25 साल के गढ़ को ध्वस्त   कर दिया था। पार्टी ने बिप्लब देव को सीएम बनाया, लेकिन मई 2022 में माणिक साहा को मुख्यमंत्री बना दिया गया। मेघालय में 2018 में 59 सीटों पर चुनाव हुए थे। कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 21 सीटें जीती थीं। भाजपा को यहां महज 2 सीटें ही मिल सकी थीं। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीईपी) को 19 सीटें मिली थीं।

इसने पीडीएफ और एचएसपीडीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। इन्होंने मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) बनाया। नगालैंड में नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी की सरकार है। नेफ्यू रियो सीएम हैं। एनडीपीपी 2017 में अस्तित्व में आई थी। एनडीपीपी ने तब 18 और भाजपा ने 12 सीटें जीती थीं। दोनों दलों ने चुनाव से पहले गठबंधन किया था। सरकार में एनडीपीपी, भाजपा एनपीपी और जेडीयू शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नगालैंड और मेघालय में तीन चुनावी सभाओं में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने मेघालय के शिलांग  में कहा कि कुछ लोग जिनको देश ने नकार दिया है, जो निराशा के गर्त में डूब चुके हैं, वो आजकल माला जपते हैं और कह रहे हैं कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी,लेकिन देश कह रहा है, देश का कोना कोना कह रहा है, मोदी तेरा कमल खिलेगा। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए16 फरवरी को वोटिंग हुई।

सभी 60 सीटों पर सिंगल फेज में वोट डाले गए। 16 फरवरी को करीब 86.10 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव के नतीजे 2 मार्च को आएंगे। इससे पहले 2018 में त्रिपुरा में 90 प्रतिशत मतदान हुआ था और सरकार भाजपा ने बनाई थी। इस बार वोटिंग का आंकड़ा 4 प्रतिशत कम है। इस बार राज्य में कुल 3,337 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। चुनाव में राज्य की 28.13 लाख जनता ने 259 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया। यह चुनाव 2023 का पहला चुनाव है।  नागालैंड और मेघालय दोनों ही राज्य ईसाई बहुल हैं। मेघालय की आबादी में 75 प्रतिशत ईसाई हैं, जबकि, नागालैंड में करीब 88 प्रतिशत आबादी ईसाई धर्म को मानती है। क्षेत्रीय पार्टियां और कांग्रेस इन राज्यों में अपने पुराने तरीकों से वोटरों को साधने में जुटी हैं। वहीं, भाजपा की रणनीति इन राज्यों के लिए देश के अन्य राज्यों से काफी अलग है।