गुवाहाटी : गुवाहाटी में अतिक्रमण रोधी मुहिम के दौरान पुलिस से कुछ देर प्रतीक्षा करने का अनुरोध करते सात वर्षीय एक बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में बच्चा पुलिसकर्मी से अनुरोध करते दिख रहा है कि वह उसका घर ढहाने आए बुलडोजरों से कुछ देर प्रतीक्षा करने को कहे। कुल 19 सेकंड की इस क्लिप में बच्चा प्लास्टिक की दो टोकरियां लिए दिख रहा है, जिसमें घर का कुछ हल्का सामान है। वह अतिक्रमण रोधी मुहिम का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे एक पुलिसकर्मी के पास जाता है और उससे अनुरोध करता है कि अंकल, उनसे कहिए वे अभी नहीं आएं, हमने अभी अपना सामान बाहर नहीं निकाला है। इसमें 10 मिनट और लगेंगे।

वीडियो में वह अपना सामान बाहर निकाल रहे अपने परिवार के सदस्यों से जल्दी काम करने के लिए कहता दिख रहा है। इसके बाद वीडियो में एक मकान ढहता दिख रहा है और ऐसा बताया जा रहा है कि यह मकान इसी बच्चे का था। विभिन्न स्थानीय चैनल की ओर से प्रसारित वीडियो में उसी बच्चे को कथित रूप से अपने घर के मलबे पर बैठकर रोते दिखाया गया। आम नागरिकों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, पत्रकारों और विपक्षी दलों के विधायकों ने सरकार से यह मुहिम तत्काल रोकने की अपील की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा बुधवार को अपने फैसले पर अडिग रहे और उन्होंने कहा कि अतिक्रमण रोधी मुहिम आगे भी जारी रहेगी और इसे धीरे-धीरे विस्तार दिया जाएगा।

इस मुहिम को सोमवार को शुरू किया था और यह बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। उन्होंने कहा कि टाटा समूह का होटल ‘जिंजर’, ओमियो कुमार दास सामाजिक परिवर्तन एवं विकास संस्थान और ‘ऑल असम कोच राजवंशी सन्मिलनी’  के चिलाराया भवन को भी क्षेत्र से निकाला जाएगा। अमिय कुमार दास संस्थान भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद और असम सरकार का स्वायत्त अनुसंधान संस्थान है। गुवाहाटी के मध्य में चलाए गए इस अभियान के तहत सैकड़ों मकानों, कार्यालयों और दुकानों को प्रशासन ने तोड़ दिया है। विपक्ष ने इस मुहिम को अमानवीय करार दिया है। उसने राज्य सरकार से इसे रोकने की अपील की और कहा कि इससे 10वीं और 12वीं कक्षा की जारी बोर्ड परीक्षाएं दे रहे सैकड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं।