गुवाहाटी : पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद चुनावी हिंसा अपने चरम पर है। लगातार दूसरी बार भाजपा के सत्ता पर आने के बाद त्रिपुरा चुनावी हिंसा की चपेट में आ गया है। चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद त्रिपुरा में स्थिति गरमा गई है। कहीं पार्टी कार्यालय जल रहा है तो कहीं- कहीं किसी का घर जल रहा है। तिपरामोथा, भाजपा, कांग्रेस और वाममोर्चा के कार्यकर्ता सभी एक-दूसरे के साथ लड़ रहे हैं।
अगरतला, खोई, कैलाशपुर, तेलियासुर, बड़जाल, विशालगढ़ जैसी जगहों पर राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के बीच काफी तनाव है। बड़जाल में माकपा समर्थकों के हमले में दो भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए। विशालगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक नाबालिग तिपरामोथा समर्थक को पीट- पीटकर कर घायल कर दिया। उसी प्रकार शांति बाजार में तिपरा मोथा के समर्थकों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। तिपरा मोथा एक तरफ भाजपा का तो दूसरी तरफ कांग्रेस और वाम मोर्चे का दुश्मन बन गया है। वाम मोर्चा नेतृत्व मान रहा है कि तिपरामोथा के सर्जिकल स्ट्राइक ने वाम मोर्चा और कांग्रेस के वोट तोड़ दिए और उन्हें 30 निर्वाचन क्षेत्रों में हरा दिया।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री जिष्णुदेव बर्मन तिपरा मोथा से हार गए। गुरुवार को मतगणना के दौरान उदयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने वामपंथी और आरसीपी कार्यालय को तोड़ा दिया। गुरुवार रात अगरतला में बदमाशों ने एक स्थानीय वामपंथी समर्थक का घर जलाकर खाक कर दिया।
दूसरी ओर
उन्होंने कहा कि हिंसा स्थल पर रहस्यमय स्थिति में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। घटना बृहस्पतिवार को कांग्रेस समर्थकों द्वारा मईरंग विधानसभा क्षेत्र के परिणामों पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीसी कार्यालय का घेराव करने के तुरंत बाद हुई। मेघालय विधानसभा अध्यक्ष एवं यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के प्रमुख मेटबाह लिंगदोह ने इस सीट पर कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी बत्शेम रिनथियांग को मामूली अंतर से मात दी है। अधिकारी ने बताया कि जिला पुलिस ने कल रात हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। सोहरा में एक अन्य घटना में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के समर्थकों ने शेल्ला विधानसभा क्षेत्र के परिणामों से निराश होने के बाद एसडीओ के कार्यालय पर पथराव किया।
जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एम. जी. आर. कुमार ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के बालाजिद कुपार सिनरेम ने इस सीट पर एनपीपी के उम्मीदवार को मात दी है। वेस्ट जयंतिया हिल्स के मोवकैव में जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद दो गुटों में हुई झड़प के मद्देनजर सहसनियांग गांव में कर्फ्यू लगा दिया। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि ऐसी आशंका है कि कार्रवाई न की गई तो हिंसा फैल सकती है... और इससे जानमाल का नुकसान हो सकता है। इधर मेघालय के पश्चिम जैंतिया हिल जिला प्रशासन ने चुनावी हिंसा को देखते हुए चाचनिंग गांव में कर्फ्यू लगा दिया। नागालैंड में भी नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के बीच संघर्ष जारी है।