गुवाहाटी : नई शिक्षा नीति के तहत शुक्रवार से 2023 वर्ष की मैट्रिक परीक्षा शुरू हो गई, यह नई पद्धति से आयोजित की गई। इस वर्ष की मैट्रिक परीक्षा में नकल का पुराना तरीका जारी रहा। मैट्रिक परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए कड़ी सुरक्षा, सीसीटीवी, जैमर व धारा 144 लगाई गई, लेकिन परीक्षा के पहले दिन ही विभिन्न केंद्रों पर नकल देखने को मिली। अर्थात इस साल की परीक्षा में नकल की परंपरा जारी रही। अभ्यर्थी न केवल अपने कपड़ों में चिट छिपाकर लाए, बल्कि कुछ परीक्षा केंद्रों में भी तो लोगों को बाहर से दीवार फांदकर परीक्षार्थियों को चिट सप्लाई करते नजर आए। गौरतलब है कि इस वर्ष पहली बार मैट्रिक की परीक्षा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आधार पर आयोजित की जा रही है।
राज्य में मैट्रिक की परीक्षा में कुल 4,22,174 उम्मीदवार बैठे हैं जिनमें 1,94,054 छात्र और 2,28,120 छात्राएं हैं। शुक्रवार सुबह 9 बजे अंग्रेजी विषय की परीक्षा शुरू हुई थी। कई केंद्रों में बाहर से कई लोग परीक्षा केंद्रों के परिसर में घुस गए और कुछ उम्मीदवारों को नकल की आपूर्ति की। खासतौर पर बराक घाटी के कछार जिले के गनीरग्राम हायर सेकेंडरी स्कूल के परीक्षा केंद्र पर कई लोगों को दीवार पर चढ़कर नकल की सप्लाई करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
हालांकि परीक्षा केंद्र पर नकल की खुली सप्लाई का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। परीक्षा केंद्र पर पुलिस की तैनाती के बावजूद लोगों को परिसर की दीवारों पर चढ़कर बाहर से नकल की आपूर्ति कराने का मौका कैसे मिल गया इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षा केंद्र के परिसर के बाहर रहे लोगों को अंग्रेजी के प्रश्न पत्र में आने वाले प्रश्नों के बारे में जानकारी कैसे मिली यह रहस्य बना हुआ है। अब परीक्षा केंद्र के प्रभारी शिक्षकों पर शक होने लगा है। शुक्रवार को मैट्रिक की परीक्षा में अंग्रेजी का प्रश्नपत्र सुबह 9 बजे शुरू हुआ और 9ः08 बजे मोबाइल फोन से फोटो खींचकर सोशल मीडिया वॉयस एप पर वायरल कर दिया गया। गौरतलब है कि परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों से लेकर शिक्षकों तक किसी के भी मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी है। फिर भी परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही मोबाइल से प्रश्नपत्र के फोटो कैसे लिए गए इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्र के फोटो में स्पष्ट रूप से लिखा है कि तस्वीर सुबह 9ः08 बजे ली गई थी। शिकायत के अनुसार प्रश्नपत्र बरपेटा जिले के एक परीक्षा केंद्र से मोबाइल फोन पर लिया गया और वायरल कर दिया गया। हालांकि सेबा अधिकारियों ने इस आधार पर प्रश्रपत्र लीक होने के आरोपों से इनकार किया कि उन्हें शिकायत सुबह 10.57 बजे मिली थी। सेबा के परीक्षा नियंत्रक नयनज्योति शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप पूरी तरह झूठा है। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहे एक प्रश्न पत्र के संबंध में हमें सुबह 10.57 बजे शिकायत मिली। अगर सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर प्रश्न पत्र वायरल हो जाता है तो इसे लीक नहीं कहा जा सकता क्योंकि सुबह 9 बजे परीक्षा शुरू हो जाती है।
यदि प्रश्न पत्र सुबह 8ः55 बजे या 9 बजे से पहले निकल जाता है तो इसे लीक कहा जाता है। सुबह 10.57 बजे प्रश्न पत्र निकल जाने के लिए सेबा जिम्मेदार नहीं है। जो छात्र प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सकते, वे एक घंटे के बाद यानी सुबह 10 बजे परीक्षा केंद्र छोड़ सकते हैं। इसलिए अगर 10 बजे के बाद परीक्षा केंद्र छोड़ने वाले परीक्षार्थियों के प्रश्न पत्र सार्वजनिक किए जाते हैं तो उन्हें लीक नहीं माना जाएगा। हालांकि बरपेटा उपायुक्त को शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया गया है। सेबा ने बरपेटा स्कूल इंस्पेक्टर को भी प्रश्नपत्र में फर्जीवाड़े का पता लगाने का निर्देश दिया है। इसी बीच काटिगड़ा पुलिस ने नकल का सामान सप्लाई करने के आरोप में असबुद्दीन नामक एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान, कुछ परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों से प्रवेश करने के बाद ही नकल पकड़े गए। बिलासीपाड़ा में नकल के आरोप में 5 अभ्यर्थियों को, बरकंडा पिप्स अकादमी केंद्र में 3 उम्मीदवार, लक्षीगाह हायर सेकेंडरी स्कूल और नायर अलगा हायर सेकेंडरी स्कूल से एक-एक उम्मीदवार निष्कासित कर दिए गए हैं।