डिजिटल डेस्क: 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को बीजेपी ने अब अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है,लोकसभा प्रवास योजना के तहत अपने कमजोर 160 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लिए 8 महीने पहले से जान फूंक रही बीजेपी ने अब अंतिम दांव चलना शुरू कर दिया है। इसके लिए खासतौर पर चुनावी जंग के माहिर त्रिमूर्ति महासचिवों को समर में उतार दिया गया है,महामंत्रियों की ये टोली लोकसभा प्रवास योजना की 160 सीटों पर लगाये गये मंत्रियों और नेताओं के साथ कॉर्डीनेशन का काम शुरू कर चुके हैं। इस प्लान के तहत राष्ट्रीय महामंत्रियों की ये त्रिमूर्ति जिसमें सुनील बंसल, तरूण चुग और विनोद तावड़े को लगाया गया है, जो लगातार इन सीटों पर मिल रहे फ़ीड बैक के आधार पर रणनीति बना रहे हैं।

हारी हुई लोकसभा सीटों पर पीएम कर सकते है 50 से 60 सभाएं:

लोकसभा सीटों पर प्रधानमंत्री मोदी करीब 50 से 60 सभाएं और दूसरे कार्यक्रम कर सकते हैं, लोकसभा प्रवास कार्यक्रम को करीब से जानने वाले बीजेपी सूत्र का कहना है कि 3-4 लोकसभा सीट को मिलाकर एक क्लस्टर बनाये गया है जिसमें करीब 40 कलस्टर होते हैं। इस लिहाज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बड़ी जनसभा इन सभी क्लस्टर्स में होगी, लिहाजा करीब 50 से 60 रैली/जनसभाएं इन सीटों पर प्रधानमंत्री मोदी की कराने की रणनीति बनाई गई है।

इस कार्यक्रम में ना सिर्फ रैलियां बल्कि केन्द्र या बीजेपी शासित राज्य सरकार के प्रोजेक्ट के शिलान्यास और अनावरण के कार्यक्रम भी प्रधानमंत्री के द्वारा कराये जायेंगे, तथा सितंबर लेकर दिसंबर तक इन सभी सीटों पर अधिक से अधिक पीएम के कार्यक्रम लगाए जायेंगे।

इस क्रम में पार्टी का पूरा फोकस गैर बीजेपी शासित राज्यों पर है इसमें दक्षिण भारत के राज्यों के अलावा बंगाल,ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों में प्रधानमंत्री की अधिक से अधिक कार्यक्रम लगाए जायेंगे, तथा इन राज्यों में केंद्र सरकार के योजनाओं का शिलान्यास या शुरुआत और प्रधानमंत्री की सभाओं पर विशेष बल दिया जाएगा।

आउटरीच प्रोग्राम चलाना शुरू भी कर चुके हैं:

साथ ही पार्टी ने अपने सभी मोर्चों को पूरी तरह एक्टिवेट कर दिया है,और पार्टी के सभी मोर्चों को 30 मार्च से दिन रात लगकर युद्धस्तर पर आउटरीच प्रोग्राम में जुटने को कहा गया है।  जिसमें एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, महिला मोर्चा और युवा मोर्चा को अलग अलग कार्यक्रमों को चलाने और अपने अपने टारगेट ग्रुप तक ज्यादा से ज्यादा पैठ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ज्यादातर मोर्चा अपने अपने टारगेट ग्रुप के बीच आउटरीच प्रोग्राम चलाना शुरू भी कर चुके हैं. सभी मोर्चों के कार्यक्रम इस तरह से बनाए जा रहे हैं जिसके आखिर में एक बड़ा राष्ट्रीय स्तर कार्यक्रम हो जिसमें पीएम मोदी का संबोधन होगा। 

इसके अलावा पहले से ही 160 कमजोर सीटों पर पार्टी की योजना के तहत 2 हिस्सों में बांटा गया है,जिसमें से 80-80 के दो हिस्सों में बांटा गया है जहां बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह की रैलियां और जनसभाएं कराई जा रही हैं। सबसे पहले इन सभी 160 सीटों पर केंद्र सरकार के मंत्रियों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं का रात्रि प्रवास का 3 राउंड पूरा किया जा चुका है,हरेक लोकसभा में एक विस्तारक, सोशल इनफ्लूएंसर, समाज के प्रभावी लोग, और पार्टी से नए लोगों को जोड़ने का काम पूरा किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम 2024 के रोडमैप साबित होंगे:

बीजेपी की रणनीति है कि इन 160 सीटों पर पार्टी के तीनों बड़े नेताओं की रैलियां और जनसभाओं से पार्टी के पक्ष में बड़ा माहौल बनेगा,लोकसभा प्रवास की 160 सीटों पर पार्टी कैंपेन का पहला चरण पूरा होने के बाद प्रचार प्रसार का दूसरा चरण आरंभ होगा जिसमें देश के बाकी बचे 383 सीटों पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम तय होंगे। पार्टी का मानना है कि कमजोर सीटों के बाद अपने मजबूत या गढ़ माने जाने वाले सीटों पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम 2024 के रोडमैप के लिए माइल स्टोन साबित होगा।