गुवाहाटीः असम विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन ही महाराष्ट्र के एक विधायक द्वारा असम के लोगों की कथित तौर पर कुत्ते के मांस खाने की आदतों जैसी विवादित  टिप्पणी को लेकर विधानसभा में विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया। सदन में नेता प्रतिपक्ष के साथ ही सभी विरोधी दलों के सदस्यों ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण को बाधित किया और सदन में इस मुद्दे को लेकर काफी हंगामा करने लगे, जिसके कारण राज्यपाल कटारिया को बजट सत्र के पहले दिन अपना अभिभाषण 15 मिनट में ही खत्म करना पड़ा, क्योंकि विपक्षी सदस्य खड़े हो गए और नारेबाजी करने लगे। सदन में हंगामा होते देख आधे घंटे के लिए सदन को स्थगित कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि आज सुबह नौ बजे सदन की कार्रवाही शुरू होने के साथ ही विपक्षी दलों ने राज्यपाल से जानना चाहा कि (महाराष्ट्र के) राज्य सरकार की ओर से महाराष्ट्र के विधायक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य बच्चू कडू ने कथित तौर पर सदन में एक प्रस्ताव रखा था कि आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को  नियंत्रित करने के लिए उन्हें असम भेजा जाए, क्योंकि इस पूर्वोत्तर राज्य में स्थानीय लोग इसका सेवन करते हैं। कटारिया ने जैसे ही अपना अभिभाषण शुरू किया, सबसे पहले कांग्रेस विधायक कमलक्ष्य डे पुरकायस्थ ने यह मामला उठाया। उन्होंने कडू के खिलाफ असम सरकार की निष्कि्रयता पर सवाल खड़ा किया।

उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की गिरफ्तारी के लिए नई दिल्ली तक पुलिस टीम भेजने का भी हवाला दिया। उल्लेखनीय है कि सदन स्थगित के बाद कुछ देर के अंतराल के बाद जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो इस बार सदन के उपनेता रकिबुल हुसैन ने इस मामले को फिर से सदन में उठाया। देखते ही देखते सभी कांग्रेसी विधायक और ऑल इंडिया डेमोक्रटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक रफीकुल इस्लाम ने विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी से अपील की कि वह कडू की टिप्पणी के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का स्वतःसंज्ञान लें और उन्हें यहां लाया जाए एवं असम विधानसभा आकर क्षमा मांगने को कहें।  इस्लाम के सहयोगी अमिनुल इस्लाम ने दावा किया कि कडू उन विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने पिछले साल महाराष्ट्र में सरकार बदलने के दौरान गुवाहाटी में डेरा डाला था।

निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक मनोरंजन तालुकदार ने भी महाराष्ट्र के विधायक के खिलाफ कार्रवाई की विपक्षी सदस्यों की मांग का समर्थन किया। कांग्रेस के सदस्य जैसे ही आसन के पास पहुंचे, विस अध्यक्ष दैमारी ने उनसे अपनी सीट पर लौट जाने और मामले को उचित माध्यम से उठाने को कहा।  इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने विपक्षी दलों को शांत रहने की अपील की और जब वे नहीं माने तो हमलावर हो गए। संसदीय मंत्री हजारिका ने कहा कि विपक्षी दलों का यह ड्रामा है जो सिर्फ राजनीति हित साधने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सही मायने में वे कार्रवाई चाहते हैं तो मामला दर्ज कराए। उल्लेखनीय है कि जोरदार हंगामे के बीच विपक्ष के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।