डिजिटल डेस्क: देशभर में इन्फ्लुएंजा के बढ़ते प्रकोप के बीच ओडिशा में पिछले दो महीने में 59 मामलों की पुष्टि हुई है।ओडिशा स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनवरी से फरवरी महीने के बीच 225 सैंपल की जांच की गई थी,और इस वायरस से देश में दो मौतें भी हो गई है। इन्फ्लुएंजा H3N2 वायरस से हुई इन मौतों के बाद केंद्र सरकार भी अलर्ट हो गई है तथा राज्यों को भी अलर्ट रहने को कहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और नीति आयोग ने इस संबंध में बैठकें भी की है और राज्यों को पर्याप्त मेडिसिन, ऑक्सीजन, बेड, वैक्सीनेशन और अन्य मेडिकल इक्वीपमेंट्स की मौजूदगी सुनिश्चित करने कहा है। 

अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र  के मुताबिक, H3N2 एक ऐसा इंफ्लूएंजा वायरस है जो आमतौर पर सूअरों से मनुष्यों में फैलता है,और इसके लक्षण मौसमी फ्लू वायरस के समान होते हैं। इसमें बुखार और खांसी एवं बलगम समेत श्वसन संबंधी समस्या के लक्षण दिखाई देते हैं,इसके अलावा कुछ मरीजों को शरीर में दर्द, मतली, उल्टी या दस्त सहित अन्य समस्याएं भी होती हैं।

ओडिशा में 225 सैंपल में 59 H3N2 केस:

भूवनेश्वर में रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की डायरेक्टरसंघमित्रा पति ने कहा, ओडिशा में जनवरी और फरवरी के महीने में एकत्र किए गए 225 नमूनों में से कुल 59 मामलों में एच3एन2 इन्फ्लूएंजा का संक्रमण पाया गया हैं,उन्होंने कहा कि इसके लक्षण मौसमी फ्लू वायरस के समान हैं और इसमें बुखार और खांसी शामिल हो सकते हैं।  वर्तमान में, वायरस के लिए कोई निश्चित इलाज उपलब्ध नहीं है और इसलिए, लोगों को H3N2  को दूर रखने के लिए कोविड दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

पुद्दुचेरी में H3N2 के 79 केस:

पुद्दुचेरी में भी H3N2 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं,यहां 4 मार्च तक इन्फ्लुएंजा के 79 केस सामने आए हैं। केंद्रशासित प्रदेश में स्वास्थ्य डिपार्टमेंट ने लोगों से सावधान रहने की सलाह दी है,स्वास्थ्य डिपार्टमेंट ने बताया कि इसकी टेस्टिंग के लिए अतिरिक्त बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां लक्षण वाले लोग अपनी जांच करा सकते हैं।इनके अलावा अधिकारियों से भी अलर्ट पर रहने कहा गया है और अस्पतालों को तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।