गुवाहाटी : असम सेबा बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा के सामान्य विज्ञान का प्रश्न-पत्र लीक होने को लेकर आज सड़क से लेकर सदन तक उबाल दिखा। एक तरफ राज्यभर में तमाम छात्र संगठनों के साथ ही राजनीतिक दल सड़कों पर उतरकर विरोध में प्रदर्शन किए, तो वहीं असम विधानसभा में भी मामले की गूंज सुनाई दी। सेबा मुख्यालय समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में शिक्षामंत्री डॉ.रनोज पेगु व सेबा के चेयरमैन का पुतला जलाया गया। इसके साथ ही आज विधानसभा के बजट सत्र में जमकर हो हल्ला हुआ। असम विधानसभा में सोमवार को राज्य बोर्ड परीक्षा की दसवीं कक्षा के सामान्य विज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला उठा।
सदन में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया और एआईयूडीएफ के नेता हाफिज बशीर अहमद ने प्रश्रकाल के बाद जब इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन में कार्यस्थगन प्रस्ताव लेकर आए तो विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने कहा कि आप अपनी बातों को सदन में अभी रखें, लेकिन इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा किसी और दिन कराए जाएंगे। विस अध्यक्ष द्वारा विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज करने के साथ ही सदन में हंगामे का माहौल हो गया। सभी विपक्षी दल के विधायक विस अध्यक्ष के आसन के सामने आकर अपनी मांग पर अड़े रहे, लेकिन उनकी मांग को सिरे से खारिज करने के बाद वे नारेबाजी भी करने लगे। उल्लेखनीय विपक्षी विधायकों द्वारा भाजपा मुर्दाबाज के नारे लगाने के साथ ही संसदीय कार्यमंत्री और सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए। सदन में बढ़ते हंगामे के कारण विस अध्यक्ष ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
उल्लेखनीय है कि हंगामे से पहले नेताप्रति ने देवब्रत सैकिया ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि पांच मार्च को भी आरोप लगाया गया था कि कक्षा10 की परीक्षा का अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र लीक हो गया, लेकिन शिक्षा मंत्री ने इस खबर के लिए मीडिया पर आरोप लगाया। अगर सावधानी बरती जाती तो आज पेपर लीक नहीं होता। कांग्रेस नेता ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, असम (सेबा) के तहत स्थानीय/मातृभाषा माध्यम के स्कूलों के लगभग चार लाख छात्र जारी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं और उनका भविष्य अब दांव पर है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), माध्यमिक शिक्षा का भारतीय प्रमाण पत्र (आईसीएसई) बोर्ड पूरे देश में अपनी कक्षा 10 की परीक्षाएं आयोजित करते हैं। सेबा सिर्फ एक राज्य में कुशलता से परीक्षा आयोजित क्यों नहीं कर सकता है? क्या एसईबीए को बदनाम करके असमिया माध्यम के स्कूलों को बंद करने की कोई साजिश है? सैकिया ने यह भी सवाल किया कि राज्य में कई कुशल शिक्षाविदों की मौजूदगी के बावजूद एक सेवानिवृत्त अधिकारी सेबा का नेतृत्व क्यों कर रहे हैं।
सैकिया ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता लें और सदन में चर्चा कराएं। उल्लेखनीय है कि राइजर दल के विधायक अखिल गोगोई ने सदन में इस मुद्दे को उठाने के साथ ही शिक्षामंत्री रनोज पेगू से इस्तीफे की मांग की। कांग्रेसी विधायक, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक मनोरंजन तालुकदार ने भी शिक्षामंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। इस दौरान विपक्ष की मांग के बीच शिक्षामंत्री डॉ.रनोज पेगू ने कहा कि सदन में मुद्दा उठने से पहले ही सरकार ने राज्य बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा का सामान्य विज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। शिक्षा मंत्री पेगू ने कहा कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को मामले की जांच करने का आदेश दिया गया है। विपक्ष के नेता के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए पेगू ने कहा कि सेबा ने कल (रविवार) आधी रात को परीक्षा रद्द कर दी। पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया है और सेबा भी खुद इसकी जांच करेगा। उन्होंने कहा कि पहले जांच पूरी होने दीजिए। जांच से पहले चर्चा उचित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि रविवार रात माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, असम (सेबा) को कुछ सुराग मिले कि सोमवार को होने वाली (सामान्य विज्ञान) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया है। इसलिए परीक्षा रद्द कर दी गई। अगली तारीख की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही प्रश्नपत्र लीक के स्रोत और इसमें शामिल लोगों का पता चल पाएगा। पेगू ने कहा कि शिक्षकों के शामिल होने का कोई सवाल नहीं है। प्रश्नपत्र पुलिस थानों में रखे जाते हैं और परीक्षा के दिन सुबह ही परीक्षा केंद्रों पर ले जाए जाते हैं। गोगोई ने मांग की कि इस प्रश्नपत्र के लीक होने के बाद शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।