गुवाहाटीः असम-मेघालय सीमा पर खूनी संघर्ष की घटना के करीब चार महीने बाद हिमंत विश्वशर्मा नीत सरकार ने सोमवार को कहा कि विवादित मकरोह गांव उसके क्षेत्राधिकार में आता है । हिंसा की यह घटना मकरोह में हुई थी, जिसमें पांच लोगों की जान चली गयी थी। असम सरकार ने यह भी कहा कि उसने अपने रुख के बारे में पड़ोसी राज्य को आधिकारिक रूप से सूचित नहीं किया है।

भाजपा विधायक विद्या सिंग इंगलेंग के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि मकरोह गांव वेस्ट कार्बी आंग्लांग जिले का हिस्सा है। असम-मेघालय सीमा पर एक विवादित स्थान पर 22 नवंबर को जब असम के वनकर्मियों ने ‘अवैध रूप से काटी गयी लकड़ीयों से लदे’ एक ट्रक को रोका था, तब हिंसा भड़क गयी थी, जिसमें असम के एक वन रक्षक एवं मेघालय के पांच ग्रामीणों की जान चली गयी थी।

गृह विभाग का भी प्रभार संभाल रहे शर्मा ने स्पष्ट किया कि वेस्ट कार्बी आंगलोंग के पुलिस अधीक्षक (सीमा) से प्राप्त सूचना के अनुसार असम पुलिस और मेघालय के वन दस्युओं के बीच संघर्ष का दोनों राज्यों के बीच सीमा मुद्दे को कोई संबंध नहीं था। यह पूछे जाने पर कि क्या असम सरकार ने मकरोह पर मेघालय के दावे का कोई जवाब दिया है, तो उन्होंने कहा कि इस विषय का विभिन्न स्तरों पर मूल्यांकन किया जा रहा है।