डिजिटल डेस्क: महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी  नागपुर शहर विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार हो चुका है, G -20 की तैयारी अंतिम चरण में है। 21 और 22 मार्च को नागपुर में G -20  की उपसमिति की मीटिंग होने वाली है,20 देशों के मेहमान नागपुर शहर की धरती पर कदम रखने वाले हैं,अब ऐसे में नागपुर शहर का कायाकल्प किया जा रहा है। इसी दौरान नागपुर पुलिस ने सार्वजनिक ठिकानों पर भीख मांगने पर बैन लगा दिया है,पुलिस कार्रवाई के डर की वजह से नागपुर से 80 फीसदी भिखारी अचानक गायब हो गए हैं। नागपुर पुलिस आयुक्त के आदेश के मुताबिक शहर में 9 मार्च से 30 अप्रैल तक अगर कोई सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत केस दर्ज किया जाएगा। 

पुलिस की कार्रवाई का डर, भिखारियों से खाली हुआ शहर:

नागपुर शहर के चौक-चौक पर बड़ी संख्या में भिखारी भीख मांगते हुए दिखाई दे जाते हैं, इनके भीख मांगने का आम तरीका यही है कि वे अपने कंधों पर बच्चों को बैठा लेते हैं और सिग्नल पर गाड़ियों के आगे हाथ फैलाते हुए खड़े हो जाते हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या खड़ी हो जाती है,लेकिन इसके बावजूद नागपुर पुलिस ने इन भिखारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और अब जो G -20  की मीटिंग होने वाली है और शहर की साज-सज्जा और सफाई पर खास ध्यान दिया जा रहा है तो इन भिखारियों को शहर से दो महीने के लिए उड़न-छू होने के लिए कह दिया गया है,वरना कार्रवाई की धमकी दी गई है।

भिखारी भी ढीठ, पाटी पेट के लिए ही नहीं, शराब के लिए मांगते हैं भीख:

शहर के सीताबर्डी चौक के कुछ भिखारियों ने तो स्वीकार किया है कि वे शराब के लिए भीख मांगते हैं,बाकी चौक-चौराहों में भी ऐसे भिखारियों की कमी नहीं है जो पेट भरने के लिए नहीं, बल्कि शराब की लत के लिए भीख मांगा करते हैं और अब उन्हें शहर छोड़ कर भागना पड़ा है।

नागपुर से भिखारियों का एग्जिट G-20 से कनेक्शन होने से इनकार:

हालांकि अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि भिखारियों को नागपुर से जाने के आदेश का जी-20 से कोई कनेक्शन है,लेकिन यशवंत स्टेडियम और कस्तूरचंद पार्क जैसे अलग-अलग इलाकों में रहने वाले बेघर भिखारियों का कहना है कि उनसे अधिकारियों ने यह कह कर शहर छोड़ने को कहा है कि ढेर सारे विदेशी मेहमान आ रहे हैं।