गुवाहाटी : मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार को इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया कब पूरी होगी। शर्मा ने विधानसभा में कहा कि जब निर्वाचन आयोग का दल अगले सप्ताह राज्य के दौरे पर आएगा तो विपक्ष के किसी भी प्रश्न को उसके समक्ष रखा जा सकता है। कांग्रेस विधायक रेकिबुद्दीन अहमद के परिसीमन प्रक्रिया पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह नहीं बता सकती कि प्रक्रिया कब पूरी होगी, क्योंकि हम प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इससे जुड़े नहीं हैं। निर्वाचन आयोग केंद्रीय एजेंसी है। हमारा काम केवल आंकड़े प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रक्रिया एक जनवरी को शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के अद्यतन होने के कारण राज्य में परिसीमन की कवायद प्रभावित नहीं हुई है। शर्मा ने विधानसभा में कहा कि  तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने परिसीमन आयोग को लिखा था कि उस समय प्रक्रिया के लिए कानून व्यवस्था की स्थिति अनुकूल नहीं थी। उन्होंने कहा कि  जब हमसे पूछा गया कि क्या अब इस कवायद को किया जा सकता है तो हमने कहा कि हालात में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने विधानसभा क्षेत्र में आने वाले सभी स्थानों के लिए समान रूप से काम करते रहने को कहा।

उन्होंने कहा कि इस तरह के कयास लगाने की जरूरत नहीं है कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने पर कौन से इलाके किसके विधानसभा क्षेत्र में नहीं रहेंगे। विपक्षी विधायक ने कहा कि परिसर प्रक्रिया का आधार वर्ष कौन होगा? इसके जवाब में मुख्यमंत्री हिमंत ने कहा कि इस सिलसिले में चुनाव आयोग ने हमसे किसी प्रकार का सवाल नहीं पूछा, क्योंकि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था और उन्होंने अपने कार्य में राज्य सरकार को दूर रहने को कहा है। ऐसे में आधार वर्ष या अन्य किसी प्रकार की जानकारी राज्य सरकार को नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसी भी विधायक को आशंकित होने की जरूरत नहीं है कि उनका विधानसभा रहेगा या नहीं, बल्कि उनके मन में उठ रहे सभी प्रश्रों का जवाब आयोग ही देगा। इसके लिए वे आयोग के राज्य दौरे पर राजनीति दलों की बैठक के दौरान अपनी आशंकाओं को उठा सकते हैं।