डिजिटल डेस्क: विधानसभा चुनाव कर्नाटक समेत कुछ राज्यों में इस साल होने हैं और अगले साल लोकसभा चुनाव भी होना है,अब ऐसे में भारतीय जनता पार्टी आम चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने को लेकर लगातार काम कर रही है तो अन्य विपक्ष में बैठे कांग्रेस समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दल भी चुनाव में जीत हासिल करने की कोशिशों में लगे हैं। इस बीच विख्यात चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि वर्तमान विपक्षी एकता अगले साल के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए सक्षम नहीं होगी,और प्रशांत किशोर ने कल दावा किया कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विपक्षी एकता को कामयाबी नहीं मिलेगी और उनकी यह योजना कभी काम नहीं करेगी क्योंकि यह एकता अस्थिर है और ये लोग वैचारिक रूप में आपस में एकमत भी नहीं हैं।
तय करना होगा विचारधारा:
प्रशांत किशोर ने 2024 के आम चुनाव की तैयारी को लेकर कहा, “अगर आप लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत चुनौती देना चाहते हैं तो सबसे पहले उसके मजबूत पक्ष को देखना होगा,और उसका मजबूत पक्ष है हिंदुत्व, कल्याणवाद और राष्ट्रवाद। ये तीन चीजें बीजेपी की जीत के स्तंभ माने जाते हैं और अगर आप इनमें से कम से कम 2 स्तंभ को तोड़ नहीं पाए तो आज बीजेपी को चुनौती नहीं दे सकेंगे।”
प्रशांत किशोर ने विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए कहा कि चुनाव में हिंदुत्व की विचारधारा को चुनौती देने के लिए इनके पास विचारधाराओं का एक अनोखा गठबंधन होना चाहिए,जो अभी इनके पास नहीं है तथा विचारधारा अहम होता है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज यात्रा:
चुनावी रणनीति बनाने में माहिर माने जाने वाले प्रशांत किशोर का कहना है कि मीडिया में अभी यह सब आ रहा है कि कौन सा नेता किसके साथ लंच कर रहा है या फिर किसे चाय पर बुलाया गया है,और यह विचारधारा के गठन के लिए तो सही है, लेकिन इसे औपचारिक विचारधारा बनाने की कोशिश नहीं कहा जा सकता हैे,और यह सब बीजेपी को हराने के लिए कारगर नहीं बन सकते।
बिहार से नाता रखने वाले प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी “जन सुराज यात्रा” पर निकले हुए हैं और अपने गृह राज्य का दौरा कर रहे हैं और वह करीब छह महीने से यात्रा पर हैं। कांग्रेस को पुनर्जीवित करने की योजना के तहत कुछ समय पहले देश की सबसे पुरानी पार्टी से जुड़ने और फिर गांधी परिवार के बीच सुधारवादी योजना को लेकर हुए मतभेद की वजह से अलग होने वाले प्रशांक किशोर का मानना है कि वो कांग्रेस को फिर से खड़ा करना चाहते थे, लेकिन हमारी आपस में सहमति नहीं बन सकी।
राहुल गांधी की अगुवाई में भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि इस यात्रा के दौरान इन छह महीनों में कई तरह की प्रतिक्रिया भी आई,तथा इस लंबी यात्रा के बाद कुछ अंतर दिखना चाहिए। भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस के लिए चुनाव परिणाम में सुधार के लिए है और जबकि मेरी यात्रा का कोई मिशन नहीं है बल्कि लोगों से जुड़ने का माध्यम है।