गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने मंगलवार को गुवाहाटी स्थित जीएमसीएच सभागार में आयोजित एक समारोह में असम में मिशन लाइफ का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि मिशन लाइफ एक सप्ताह का कार्यक्रम है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन लाइफस्टाइल उपयोग प्लास्टिक को कम करने के लिए, चौथा दिन टिकाऊ खाद्य प्रणाली अपनाने के लिए, पांचवां दिन कचरा कम करने के लिए, छठा दिन ई-कचरा कम करने के लिए, सातवां दिन स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए समर्पित होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि धरती के जीवन पर ग्लोबल वार्मिंग का खतरा मंडरा रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था पर बाढ़ और सूखा, पेयजल की कमी आदि के प्रभाव बहुत स्पष्ट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में प्रकृति के साथ-साथ वनस्पतियों और जीवों पर ग्लोबल वार्मिंग के प्रतिकूल प्रभावों को समझने के लिए जनसाधारण में जागरूकता की आवश्यकता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गुवाहाटी में आर्द्रभूमि और हरित क्षेत्र में काफी कमी आई है। नतीजतन, शहर के लोगों के साथ-साथ उनके पड़ोसियों को स्वास्थ्य और उनके परिवेश के संबंध में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि हालांकि लोगों को जलवायु परिवर्तन और इसके प्रतिकूल प्रभावों के बारे में सैद्धांतिक ज्ञान है, फिर भी सभी को अपनी जीवन शैली में बदलाव लाने और पर्यावरणीय क्षरण की प्रवृत्ति को उलटने के लिए कार्रवाई योग्य कदम उठाने की आवश्यकता है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा की वकालत करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि 2030 तक 500 गीगावॉट सौर ऊर्जा पैदा करने के देश के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए असम सरकार ने हरित ऊर्जा की दिशा में देश की प्रगति में योगदान देने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने 3000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए राज्य सरकार गुवाहाटी में इलेक्टि्रक वाहनों की शुरुआत कर रही है और 2026 तक पूरे सार्वजनिक परिवहन को गैर-जीवाश्म ईंधन और बिजली पर चलाया जाएगा।

डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि उनकी सरकार प्लास्टिक के कप आदि के बजाय मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करना आदि प्रकृति के अनुकूल कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से मिट्टी के बरतन बाजार को पुनर्जीवित करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि असम में राज्य सरकार ने वन भूमि के अतिक्रमण को देखते हुए अतिक्रमणकारियों से 6067 हेक्टेयर वन भूमि को वापस लेने के लिए कदम उठाए हैं। इससे राज्य को काफी हद तक अपने हरित कवरेज को बहाल करने में मदद मिली है।  उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा मिशन लाइफ का पालन करने से राज्य को जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए वांछनीय जीवन शैली को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।