डिजिटल डेस्क: कुछ हफ्तों में गेटवे ऑफ साउथ इंडिया यानी कर्नाटक में चुनाव होने वाले हैं,तथा कुछ दिनों पहले मुख्य चुनाव आयुक्त का दौरा भी हो गया और अब उम्मीद है कि अगले हफ्ते चुनावों का ऐलान हो सकता है, लेकिन सियासत गरम है। कांग्रेस को यहां जीत की आशा नजर आ रही है तो बीजेपी किसी भी सूरत में सत्ता से हाथ नहीं धोना चाहती,अब ऐसे में बहस छिड़ी हुई है कि टीपू सुल्तान को किसने मारा? बीजेपी का दावा है कि उनको वोक्कालिगा सरदारों ने मारा है,तथा जबकि इतिहासकारों ने इसे गलत बताया है।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच टीपू सुल्तान की हत्या को लेकर बहस छिड़ी हुई है,दरअसल, पिछले दिनों बीजेपी के कुछ नेताओं ने ऐसा दावा किया था कि टीपू सुल्तान की हत्या वोक्कालिगा सरदारों ने की थी। इस पर कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी लोगों को गुमराह कर रही है,और वो काल्पनिक बातों को लोगों के सामने रख रही है।
अंग्रेजों ने टीपू सुल्तान को नहीं मारा-
चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में ये मुद्दा गरमाता जा रहा है,तथा कांग्रेस और जद(एस) ने दावा किया कि जब टीपू सुल्तान हत्या हुई तब ये समुदाय अस्तित्व में ही नहीं था। कई इतिहासकारों ने भी बीजेपी की बात का खंडन किया हैं और
खंडन के बाद सीएम बोम्मई का बयान भी आ गया हैं। उन्होंने कहा कि इस पर शोध चल रहा है और रिसर्च के बाद ही दूध का दूध पानी का पानी होगा, उससे पहले ये मत कहिए हम गलत हैं. बीजेपी कह रही है कि अंग्रेजों ने टीपू सुल्तान को नहीं मारा।
ऐसी ही मान्यता पुराने मैसूर में भी हैं-
पुराने मैसूर में रहने वाले लोगों की ऐसी मान्यता है कि टीपू सुल्तान अंग्रेजो से लड़ते हुए नहीं बल्कि उरी गौड़ा और नांजे गौड़ा ने उनको मारा था,हालांकि इतिहासकार इस फैक्ट्स से वास्ता नहीं रखते। ये बहस पहले भी छिड़ी हुई थी मगर पिछले साल उरी गौड़ा और नांजे गौड़ा के नाम एक नाटक बनाया गया था। जिसका नाम था टिप्पुविना निजा कनसुगालु , इसके बाद इस बात पर बहस तेज हो गई। अब राज्य में चुनाव का माहौल है तो कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी लोगों को गलत जानकारी देकर गुमराह कर रही है,वहीं बीजेपी का कहना है कि इस पर रिसर्च चल रहा है और शोध के बाद सभी को पता चल जाएगा कि आखिरकार सच्चाई क्या है।
नाटक के बाद और तेज हो गई बहस-
उरी गौड़ा और नन्जे गौड़ा के नाम पिछले साल रंगायन के निर्देशक अडांडा करिअप्पा के एक नाटक ‘टिप्पुविना निजा कनसुगालु’(The True Dream Of Tipu)के विमोचन के बाद बहस तेज हो गई और ऐसा पहली बार नहीं हो रहा हैं। बीजेपी और कांग्रेस के बीच इतिहास को लेकर हमेशा विवाद छिड़ता रहा है,तथा खासतौर पर अगर किसी राज्य में चुनाव है तो मामला और ज्यादा बढ़ जाता है।