गुवाहाटी : देशभर के सनातनियों को जागृत करने वाले बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृृष्ण शास्त्री आज बुधवार को असम में पधारे। चैत्र नवरात्र के पहले दिन बुधवार को उन्होंने नीलाचल पर्वत स्थित कामाख्या धाम पहुंचे, वहां उन्होंने माता रानी  का चरण स्पर्श करने के साथ भक्तिभाव से पूजा - अर्चना की ओर अपनी अर्जी भी लगाई। इसके साथ ही राष्ट्र के लिए सुख,शांति व समृद्धि की कामना की। साथ ही उन्होंने बागेश्वर धाम की जय,भारत माता की जय और कामाख्या माता के  जयकारे लगाए।

उन्होंने मीडिया को बताया कि भारत हिंदू राष्ट्र है, अब तो मात्र अधिकारिक रुप से इसकी घोषणा की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि मैं हमेशा ही सनातन संस्कृृति को जागृत करन के लिए काम करता हूं तथा मरते दम तक इसके लिए आवाज उठाता रहूंगा। असम की पावन धरती पर विराजमान कामाख्या माता सभी के लिए मंगलकारिणी और भय हारिणी हैं। भारत मातृत्व प्रधान देश है। यहां गाय, गंगा, गायत्री व माताशक्ति की पूजा होती है। असम में भगवती कामाख्या माता है।

उन्होंने आगे कहा कि असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा राज्य भर के सनातनियों को जगाने का काम कर रहे हैं, वे एक हिंदू शेर हैं,क्योकि वे हमेशा हिंदुत्व की बात करते हैं। मुख्यमंत्री के आग्राह तथा  तथा  राम सेतु के काम में अहम भूमिका निभाने वाले मनीष मिश्रा की पहल पर माता भगवती के चरणों में दंडवत करने का सुअवसर मिला। बाबा धीरेंद्र कृृष्ण शास्त्री ने बताया कि असम के मुख्यमंत्री डां. हिमंत विश्वशर्मा के साथ आज एक वार्तालाप भी हुई। इसके साथ ही उनको सुख,शांति के साथ मंगल व राज्य के उत्थान के लिए आशीर्वाद दिया।

इसके साथ ही वे जल्द ही बागेश्वर बाला जी के दरबार में अपनी अर्जी लगाने के लिए आने की बाते कही। बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री असम में सनातन संस्कृृति को बढ़ावा देने के लिए हमेशा अग्रसर रहे हैं। इनके शासनकाल में असम का विकास भी हो रहा है। मुख्यमंत्री ने असम में कथा कहने का आह्वान किया। मैं अवश्य अपने व्यस्ततम समय से समय निकालकर असम में कथा कहूंगा।