गुवाहाटी :हिमंत मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत राज्य के एक लाख युवाओं को दो-दो लाख रुपए देने की मंजूरी दी। कैबिनेट ने इसके लिए 1,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बजट की घोषणा के अनुसार राज्य में स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए पहले 1,000 रुपए और अगले चरण में 10,000 रुपए के अनुदान देने के लिए भी 1,000 करोड़ रुपए की मंज़ूरी दी गई।
मंत्रि परिषद ने शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया। अब से ऐसे परिवारों को भूमि आवंटित करने का अधिकार उपायुक्त को दिया गया। उपायुक्त अधिकतम 5 लेचा भूमि आवंटित कर सकता है और इसके लिए 500 रुपए का शुल्क लिया जा सकता है। मंत्रिमंडल ने आयुक्तों को पीएमएवाई-यू लाभार्थियों के पक्ष में भूमि का निपटान करने, बंदोबस्त के लिए भूमि की मात्रा निर्धारित करने और नगरपालिका क्षेत्रों में भूमि बंदोबस्त प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए प्रीमियम दरों को युक्तिसंगत बनाने का भी अधिकार दिया।
यह प्रीमियम की रियायती दर पर बंदोबस्त के माध्यम से भूमिहीन स्वदेशी लाभार्थियों, आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न और मध्यम आय वर्ग के भूमिहीन स्वदेशी लोगों को भूमि का स्वामित्व प्रदान करेगा। मंत्रिमंडल ने ग्रामीण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए नाबार्ड से 441.86 करोड़ रुपए का आरआईडीएफ ऋण लेने को भी मंजूरी दी। इस कोष का उपयोग 17 जिलों में 24 ग्रामीण सड़कों सहित बांधों के निर्माण, 29 जिलों में 66 लघु सिंचाई परियोजनाओं और 20 जिलों में 100 चाय बागानों में स्कूलों के निर्माण के लिए किया जाएगा। कैबिनेट ने ऋण के भुगतान के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से वित्त वर्ष 2023-24 में 50 करोड़ रुपए के मासिक योगदान के साथ असम इन्फ्रास्ट्रख्र फाइनेंस अथॉरिटी के लिए फंड के गठन को मंजूरी दी।