डिजिटल डेस्क: हैदराबाद से चौंकाने वाली खबर सामने आया है, यहां एक कंपनी की कैंसर की दवा में जानलेवा बैक्टीरिया मिला हैऔर यह दावा किसी और ने नहीं बल्कि WHO ने किया है। लेबनान और यमन के हेल्थ अधिकारियों ने हैदराबाद की सेलोन लैब्स की ओर से बनाई जानी वाली इस कैंसर की दवा को बैन कर दिया गया है,तथा कैंसर की इस दवा के एक बैच में स्यूडोमोनास नाम का जानलेवा बैक्टीरिया मिला था।

इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोकसभा को जानकारी भी दी और  मंत्रालय ने कहा कि WHO ने चार घटिया और दूषित ड्रग्स के बारे में मंत्रालय को अलर्ट किया था,इसमें सेलोन लैब्स की कैंसर दवा मेथोट्रेक्सेट भी शामिल है। बताया जा रहा है कि ये दवा कीमोथेरेपी में इस्तेमाल की जाती है,इससे पहले यमन और लेबनान के हेल्थ अधिकारियों ने बच्चों में प्रतिकूल प्रभाव देखने के बाद इस दवा का टेस्ट किया था, जिसमें यह दूषित पाई गई। 

कमजोर हो सकता है इम्यून सिस्टम:

WHO अलर्ट जारी कर कहा था कि कैंसर दवा मेथोट्रेक्सेट का इस्तेमाल करने वाले बीमार लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है और वह इंफेक्शन से पीड़ित हो सकते हैं और कैंसर की दवा के इस बैच का नंबर MTI2101BAQ हैं और WHO ने कहा कि इसे सिर्फ भारत में बेजा जाना था, लेकिन अनौपचारिक बाजारों के माध्यम से यह दवा दोनों पश्चिम एशियाई देशों तक पहुंच गई और इतना ही नहीं लेबनान और यमन के अलावा ये दवा बाकी देशों में भी पहुंच सकती है।

लैब को दवा का प्रोडक्शन बंद करने का आदेश:

मामला सामने आने के बाद तेलंगाना ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन के जॉइंट निदेशक जी रामधन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि हमने दवा में जानलेवा बैक्टिरिया मिलने के बाद सेलोन लैब्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और साथ ही लैब से तुरंत कैंसर की इस दवा का प्रोडक्शन बंद करने को कहा है।