नई दिल्ली : गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में गुरुवार को हिंसा, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। गुजरात के वडोदरा में शोभायात्रा पर दो अलग-अलग जगहों पर हमला किया गया। सबसे पहले फतेहपुरा, इसके बाद इसके बाद कुंभारवाड़ा में पत्थरबाजी की घटना सामने आई। हालांकि इन घटनाओं की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। उधर, पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भी कुछ लोगों ने शोभायात्रा पर पथराव किया। वहीं, बुधवार की रात महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मंदिर के बाहर कुछ लोगों ने आगजनी की। पुलिस की गाड़ियों में भी आग लगा दी गई। गुजरात के वड़ोदरा शहर में दो जगहों पर रामनवमी के जुलूस पर बृहस्पतिवार को पथराव किया गया। पुलिस ने बताया कि एक स्थान पर हुए पथराव में कुछ लोग घायल हो गए।

पहली घटना फतेहपुरा क्षेत्र के पंजरीगर मोहल्ले के पास दोपहर में हुई, जबकि दूसरी घटना शाम को नजदीकी कुंभरवाड़ा में हुई। पुलिस के मुताबिक, फतेहपुरा क्षेत्र में हुई घटना में कोई घायल नहीं हुआ, जबकि कुंभरवाड़ा में रामनवमी के जुलूस पर हुए पथराव में एक महिला समेत कुछ लोग घायल हो गए। पंजरीगर मोहल्ले के जुलूस का आयोजन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने किया था। वहीं, दूसरा जुलूस स्थानीय निवासियों द्वारा आयोजित किया गया था। स्थानीय भाजपा विधायक मनीषा वकील उस जुलूस का हिस्सा थीं, जिस पर कुंभरवाड़ा में पथराव किया गया। विधायक ने कहा कि जब शोभा यात्रा शांतिपूर्वक गुजर रही थी, तो कुछ लोगों ने अचानक हम पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जुलूस में शामिल कुछ महिलाएं घायल हो गईं। पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रही है। गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने मुझे फोन किया और जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

घटना के सामने आये वीडियो में पथराव शुरू होने के बाद लोगों को बचने के लिए भागते हुए देखा जा सकता है। वहीं, राम की मूर्ति ले जा रहे रथ को सुरक्षित स्थान पर खींच लिया गया। कुछ घायलों ने संवाददाताओं को बताया कि पत्थर पास की छतों से फेंके गए थे। घटना के बाद नगर पुलिस आयुक्त शमशेर सिंह ने कुंभरवाड़ा इलाके का दौरा किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हम पथराव में शामिल सभी लोगों को पकड़ लेंगे। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज हैं। इससे पहले दोपहर में, विहिप द्वारा आयोजित रामनवमी के जुलूस पर उस समय पथराव किया गया, जब वह फतेहपुरा इलाके से गुजर रहा था। पुलिस उपाधीक्षक यशपाल जगनिया ने कहा कि इस दौरान कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गयीं, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। जुलूस पुलिस सुरक्षा में पूर्व निर्धारित मार्ग से निकाला गया। जगनिया और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटना का पता चलने के बाद मौके पर पहुंचे।

बजरंग दल के एक नेता ने आरोप लगाया कि पहले भी इस तरह की घटनाएं होने की जानकारी के बावजूद जुलूस के दौरान कहीं पुलिस नहीं दिखी। हर साल इसी मार्ग से जुलूस निकाला जाता है। हालांकि, जगनिया ने दावा किया कि बृहस्पतिवार को शहर में निकाले गये हर जुलूस में सुरक्षा व्यवस्था की गयी। वहीं हावड़ा में शोभायात्रा के दौरान कुछ लोगों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी। हालात तनावपूर्ण हैं, ऐसे में यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने इलाके में फ्लैग मार्च किया। इधर, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर ( पुराना नाम औरंगाबाद) के किराडपुरा इलाके में बुधवार रात दो गुटों के बीच झड़प हो गई। लोगों ने एक-दूसरे पर पथराव किया और कई वाहनों में आग लगा दी। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी लोगों ने पथराव किया। हमले में 2 पुलिसकर्मियों समेत पांच से छह लोग घायल हो गए। हिंसा रात 11.30 बजे शुरू हुई और तड़के 3.30 बजे तक जारी रही।