गुवाहाटीः असम के कानून मंत्री रंजीत कुमार दास ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य की अदालतों में 4.5 लाख से अधिक मामले लंबित हैं और सरकार मामलों को निपटाने के लिए कई कदम उठा रही है। विधानसभा बजट सत्र के प्रश्रकाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक चक्रधर गोगोई के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री दास ने कहा कि असम की विभिन्न अदालतों में 4,58,059 मामले लंबित हैं। मंत्री ने कहा कि कामरूप (मेट्रो)जिले में सबसे अधिक 1,06,850 मामले लंबित हैं, इसके बाद नगांव में 31,101 और धुबड़ी में 30,385 मामले हैं, वेस्ट कार्बी आंग्लांग और माजुली जिले में सबसे कम अपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
कार्बी आंगलांग जिले में 1317 अपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबिक माजुली में मात्र 982 अपराधिक मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बैकलॉग (बाकी बचे मामले) को खत्म करने के लिए लगभग एक लाख आपराधिक मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है, जिनमें तीन साल की सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। दास ने कहा कि इस फैसले से अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम होगी, जिससे अदालतों को गंभीर अपराधों और अन्य मामलों के लिए समय देने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि अपराधिक मामलों की जल्द सुवाई और अपराध पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की ओर कई तरह की पहल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य लोक अदालत की संख्या बढाने, सबसे अधिक अपराध बढ़ने वाले क्षेत्र सहित पूरे राज्य में जागरूकता कार्यक्रम करने, अदलातों की स्थिति और मजबूत करने के अलावा अन्य कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि राज्य से बाल विवाह, मानव तस्करी, पशु तस्करी, नशीले पदार्थ की तस्करी, हत्या, बालात्कार समेत अन्य गंभीर मामलों को नियंत्रण करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहा है।