डिजिटल डेस्क: कर्नाटक विधानसभा चुनावों में चीजें तेजी से बदल रही हैं और बदलती सियासी बयार को भांपते हुए नेता पाला बदलने में देर नहीं लगाते,पार्टियां भी इस फिराक में रहती हैं दूसरे दलों के मजबूत नेता ऐसे मौकों पर उनकी तरफ हो जाएं।
अब ऐसे में 2023 राजनीतिक लिहाज से बहुत महत्व रखता है क्योंकि 2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले नौ राज्यों में चुनाव है। कर्नाटक में बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए अहम है, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले मांड्या से पूर्व सांसद एल आर शिवरामे गौड़ा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है।
फिलहाल कर्नाटक में सियासत गर्म है, एक दिन पहले ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार के ऊपर मुकदमा भी दर्ज हुआ था, वह जनता दल पार्टी के पूर्व सांसद मांड्या से सांसद थे तथा उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था अब ऐसे में शिवरामे गौड़ा ने बीजेपी स्टेट चीफ नलिनकुमार कतील के मौजूदगी में बीजेपी जॉइन की।
और नेता हो सकते हैं शामिल:
बीजेपी नेशनल सेकेट्री सीटी रवि दावा किया कि इस बार पहले से भी ज्यादा वोट शेयर रहेगा और अधिक सीटें भी जीतेंगे और जबकि तमाम ओपिनियन पोल कांग्रेस को बढ़त बता रहे हैं।
शिवराम गौड़ा ने बीजेपी में आते ही कहा कि आने वाले 10 दिनों में बहुत सारे नेता भाजपा जॉइन करेंगे, और उनके इस दावे के बाद अब हलचल मची है कि क्या मांड्या इलाके के और नेता भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।