गुवाहाटीः असम के सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने बुधवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के इस साल के अंत तक सुलझने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्यों के गठन के समय सीमा का सीमांकन नहीं करने के कारण विवाद को समाधान करने में काफी दिक्कत तो हो रही है, लेकिन नगालैंड, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा रेखा के समाधान प्रक्रिया प्रगति पर है। हमें उम्मीद है कि इस साल के अंत तक सभी विवादों को हल कर लिया जाएगा।
विधानसभा में भाजपा विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी के एक सवाल के जवाब में मंत्री बोरा ने कहा हम इस साल के अंत तक अरुणाचल प्रदेश के साथ अपने सीमा विवाद के समाधान के प्रति आशान्वित हैं। उन्होंने कहा कि विवादित क्षेत्रों का दौरा करने और रिपोर्ट तैयार करने के लिए दोनों राज्यों द्वारा 12 क्षेत्रीय समितियों का गठन किया गया है। मंत्री ने कहा कि दोनों राज्य इन क्षेत्रीय समितियों की सिफारिशों के आधार पर विवादों को निपटाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। मेघालय के साथ सीमा विवाद के समाधान की प्रगति के संबंध में बोरा ने कहा कि 12 चिन्हित क्षेत्रों में से छह में मतभेदों को निपटाने के लिए दोनों राज्यों के बीच पहले ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि शेष छह क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय समितियां इस मामले को आगे बढ़ा रही हैं, जिसमें मेघालय विधानसभा चुनाव के कारण देरी हुई थी। उन्होंने कहा कि जहां तक मिजोरम का संबंध है, पड़ोसी राज्य ने अपने दावे वाली भूमि के संबंध में अपने दस्तावेज जमा कर दिए हैं और असम सरकार उनकी जांच कर रही है। बोरा ने कहा कि नागालैंड के साथ विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही है और असम के गवाहों के बयान अंतिम चरण में हैं, जिसके बाद नागालैंड के लिए प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच आमने-सामने बातचीत हुई है, लेकिन बहुत गहराई से नहीं, क्योंकि मामला विचाराधीन है। सीमा विवाद के लिए कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए बोरा ने कहा कि राज्यों के बीच की सीमाओं को ठीक से चिन्हित किया जाना चाहिए था जब इन्हें असम से अलग किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि ये राज्य असम से बने थे। तब केंद्र और असम में कांग्रेस सत्ता में थी।
अगर उन्होंने इसे हमेशा के लिए सुलझा लिया होता तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। सीमाओं पर झड़पों के मामले में अधिकारियों द्वारा बयान के लिए गोस्वामी के अनुरोध पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को सावधानी से देखती है। बोरा ने कहा सीमा एक संवेदनशील मामला है। उपद्रवी कई बार परेशानी पैदा करने में शामिल होते हैं। हमारे मुख्यमंत्री ने हमें सतर्क रहने और अंतरराज्यीय सीमाओं से संबंधित किसी भी मामले में सावधानी के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा है।