गुवाहाटीः असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगु ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने का पोस्टमार्टम करेगी और प्रश्नपत्रों के वितरण के लिए एक फुलप्रूफ प्रणाली विकसित करेगी। शिक्षा मंत्री ने विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में नेता प्रतिपक्ष देवब्रत सैकिया द्वारा लाए गए एचएससीएल परीक्षा विसंगतियों  पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड असम( सेबा) जो कक्षा 10वीं की परीक्षा आयोजित करता है को पेपर लीक के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि यह काम शिक्षकों ने किया था।

प्रश्नपत्र लीक होने के बाद पिछले महीने सामान्य विज्ञान, आधुनिक भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी की परीक्षाओं को फिर से की गई थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर रही सीआईडी द्वारा मास्टरमाइंड के रूप में पहचाने गए दो शिक्षकों के साथ कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वह भी पुलिस के शिकंजे में हैं। शिक्षामंत्री ने कहा कि मुद्रित प्रश्नपत्र सेट सीलबंद बंडलों में यहां के कार्यालय में पहुंचाए जाते हैं, जहां से इन्हें विभिन्न पुलिस थानों में भेज दिया जाता है।

एक बार जब बंडल पुलिस थानों में पहुंच जाते हैं, तो यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पुलिस और परीक्षा केंद्र प्रभारियों की हो जाती है कि कोई छेड़छाड़ न हो। ऐसे में सेबा को दोष नहीं दिया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कांड में अगर शिक्षक शामिल होते हैं तो सही तरह से परीक्षा आयोजित करवाना मुश्किल हो जाता है। विभाग ने  अब फुल प्रूफ  प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे। मंत्री ने कहा कि हम मामले का पोस्टमार्टम करेंगे और सभी खामियों को दूर करने के लिए कदम उठाएंगे। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का भी खंडन किया कि सेबा की परीक्षा में पेपर लीक होना आम बात थी और दावा किया कि इस तरह की आखिरी घटना 2006 में हुई थी।