डिजिटल डेस्क: भारतीय वायुसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होने वाला है और भारत पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट को विकसित करने के लिए लंबे समय से लंबित परियोजना को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है।स्टील्थ फाइटर जेट इसी साल फरवरी में आयोजित एयरो इंडिया शो में देखे गए थे,तथा बड़ी बात यह है कि F-35A जेट भारत के पड़ोसी देश चीन, यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस और दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के पास ही है।स्टील्थ फाइटर जेट परियोजना का मामला जल्द ही सुरक्षा मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली कैबिनेट कमेटी के पास भेजा जाएगा और इस परियोजना पर करीब 15 हजार करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं।

जल्द परियोजना को  मिलेगी हरी झंडी:

DRDO और  ADA ने स्टेल्थ फाइटर जेट एमका के लिए लागत, डिजाइन और स्वदेशी सामग्री का निर्माण करना शुरू कर दिया है और कहा जा रहा है कि जल्द ही इस परियोजना को जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

F-35A जेट बीवीआर मिसाइल के साथ साथ क्लोज कॉम्बेट फाइट से लैस होगा और स्टेल्थ एयर फ्रेम, सेंसर डेटा फ्यूजन, नेटसेंटरिक वारफेयर और एडवांस इंटीग्रेटेड सेंसर सूट इस जेट को ताकतवर बनाएगा और स्टेल्थ एयर फ्रेम, सेंसर डेटा फ्यूजन, नेटसेंटरिक वारफेयर और एडवांस इंटीग्रेटेड सेंसर सूट इस जेट को ताकतवर बनाएगा। 

स्टेल्थ फाइटर जेट किसे कहते हैं:

कहा जाता है कि स्टेल्थ फाइटर जेट गुप्त होते हैं और ये फाइटर जेट्स रडार की पकड़ में नहीं आते। इनको ऐसे डिलाइन किया गया है कि यह दुश्मन के रडार से उसको भनक लगे बिना बच निकलने में कामयाब होते हैं तथा इन जेट्स की बॉडी एक खास तरह के मटीरियल से बनी होती है और अमेरिका में इन जेट्स का निर्माण लॉकहीड मार्टिन कंपनी करती है।

F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट की खासियत:

2 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ उड़ान भर सकता है

वर्टिकल टेक ऑफ, लैंडिंग में सक्षम

कोई भी रडार इसे नहीं पकड़ सकती

किसी भी मौसम में उड़ान भर सकता है

जमीन-हवा में टारगेट को नष्ट करने में सक्षम

910 किलो के 6 बम लेकर उड़ सकता है

F-35 जेट के अलावा और कौन कौनसे से जेट हैं स्टेल्थ फाइटर जेट:

एफ 22 रेपटेर- अमेरिका

एफ-35 लाइटनिंग- अमेरिका

सुखोई-57- रूस

जे-20- चीन

चेंगदू-20- चीन