गुवाहाटी : अडाणी मामले को लेकर असम के मुख्यमंत्री  डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया है। हिमंत ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह हमारी शालीलना थी कि हमने आपसे कभी नहीं पूछा कि आपने बोफोर्स और नेशनल हेराल्ड घोटालों से अपराध की कमाई कहां छिपाई है। खैर, हम अदालत में मिलेंगे। दरअसल, राहुल गांधी ने आज एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने अरबपति कारोबारी गौतम अडाणी समेत छह नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने गौतम अदाणी, गुलाम नबी आजाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण कुमार रेड्डी, हिमंत विश्वशर्मा और अनिल एंटनी पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि सच्चाई छुपाते हैं, इसलिए रोज भटकाते हैं।

सवाल वही है- अडाणी की कंपनियों में बीस हजार करोड़ बेनामी पैसे किसके हैं? कांग्रेस नेता अडाणी समूह को लेकर हिंडनबर्ग रिपोर्ट सामने आने के बाद से लगातार हमलावर है। दरअसल जनवरी   में अमरीकी निवेशक हिंडनबर्ग रिसर्च ने दावा किया है कि अडाणी समूह दशकों से शेयरों के हेरफेर और अकाउंट की धोखाधड़ी में शामिल है। रिपोर्ट अडाणी एंटरप्राइजेज के 20,000 करोड़ रुपये के फॉलोऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) से पहले आई थी। एफपीओ 27 जनवरी को खुलना था। लेकिन समूह ने इसे वापस ले लिया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि तीन साल में शेयरों की कीमतें बढ़ने से अडाणी समूह के मालिक गौतम अडाणी की संपत्ति 100 अरब डॉलर बढ़कर 120 अरब डॉलर हो गई। इस दौरान समूह की 7 कंपनियों के शेयर औसत 819 फीसदी बढ़े। रिपोर्ट में मॉरीशस से लेकर संयुक्त अरब अमीरात तक फैले टैक्स चोरी वाले देशों में अडाणी परिवार की कई मुखौटा कंपनियों के एक नेटवर्क का विवरण था। इसका उपयोग भ्रष्टाचार, मनी लांड्रिंग के लिए किया गया था।

फंड की हेराफेरी भी की गई थी। रिसर्च रिपोर्ट में अदाणी समूह के पूर्व अधिकारियों सहित दर्जनों लोगों से बात करना, हजारों दस्तावेजों की समीक्षा करना और आधा दर्जन देशों में दौरा शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया था कि समूह की सात प्रमुख कंपनियों के मूल्य को देखें तो यह फंडामेंटल आधार पर मूल्यांकन से 85 फीसदी नीचे हैं। इन कंपनियों ने बड़े पैमाने पर शेयर गिरवी रखकर कर्ज लिए हैं। वहीं, अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को निराधार और बदनाम करने वाला बताया था।  समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) जुगेशिंदर सिंह ने कहा था, रिपोर्ट में इस्तेमाल तथ्यात्मक आंकड़े प्राप्त करने के लिए समूह से कोई संपर्क नहीं किया गया।

यह रिपोर्ट चुनिंदा गलत व बासी सूचनाओं, निराधार और बदनाम आरोपों का एक दुर्भावनापूर्ण संयोजन है। इसे भारत की सर्वोच्च अदालतों ने खारिज कर दिया है। तबसे विपक्षी कांग्रेस और अन्य दल अडाणी समूह के खिलाफ हमलावर हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद में भी इस मुद्दे को कई बार उठा चुके हैं। हालांकि, मानहानि मामले में राहुल गांधी को सूरत कोर्ट ने दोषी ठहरा दिया और उन्हें दो साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म कर दी गई। सांसद के रूप में अयोग्य करार दिए जाने के बाद से राहुल गांधी ने अदाणी समूह के खिलाफ हमले तेज किए हैं। (एजेंसी)

राहुल ने कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं पर कटाक्ष किया

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुलाम नबी आजाद, ज्योतिरदित्य सिंधिया, हिमंत विश्वशर्मा और पार्टी छोड़ने वाले कुछ अन्य नेताओं पर तंज कसते हुए शनिवार को कहा कि अडाणी मामले पर सच्चाई छिपाने के लिए रोजाना ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने ट्विटर पर अडाणी का हवाला हुए गुलाम, सिंधिया, किरण (रेड्डी) और अनिल (एंटनी) के नाम लिखे और कहा कि सच्चाई छुपाते हैं, इसलिए रोज़ भटकाते हैं! सवाल वही है - अडाणी की कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपए की बेनामी रकम किसकी है।

राहुल गांधी ने जिन नेताओं पर कटाक्ष किया, उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के बाद उन पर निशाना साधा था। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राहुल गांधी कभी भी न मर्यादा का उल्लंघन करते हैं, न आक्रोश व्यक्त करते हैं, लेकिन जिस तरह की बयानबाजी उन लोगों ने की है, चाहे वो कांग्रेस पार्टी के खिलाफ हो, चाहे राहुल गांधी जी के खिलाफ हो, उसकी हम जितनी निंदा करें वो कम है। ये सब लोग वो हैं, जो कांग्रेस के सबसे बड़े लाभ भोगी रहे।