डिजिटल डेस्क: केंद्र सरकार के अग्निपथ स्कीम को सुप्रीम कोर्ट ने वैध माना है। योजना पर दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दो अपील दायर की गई थी, और जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र की योजना मनमानी नहीं है और कोर्ट ने साफ किया कि सार्वजनिक हित अन्य विचारों से ज्यादा जरूरी है। सरकार ने पिछले साल सेना में कॉन्ट्रेक्ट पर भर्ती के लिए अग्निपथ स्कीम लॉन्च की थी और इसको लेकर खूब विवाद भी हुआ और हिंदी भाषी राज्यों में आगजनी और हिंसा भी हुई थी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे पहले 27 फरवरी को कहा था कि अग्निपथ योजना राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने के प्रशंसनीय उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय हित में तैयार किए गए थे और कोर्ट ने योजना की वैधता को चुनौति देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए इसे ‘उत्तम विचारों’ के साथ केंद्र का नीतिगत निर्णय करार दिया है।
हाई कोर्ट ने सभी पहलुओं पर किया विचार-SC
हाई कोर्ट ने योजना को चुनौति देने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया था और इसमें सैन्य भर्ती के पिछले कुछ विज्ञापनों के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती प्रक्रिया को चुनौति देने वाली याचिकाएं भी शामिल थीं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि ऐसे कैंडिडेट को भर्ती की तलाश करने का अधिकार नहीं है तथा पिछले विज्ञापनों से संबंधित दलीलों को खारिज करते हुए, हाईकोर्ट ने अग्निपथ योजना को “जनहित” में बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, “माफ कीजिए, हम हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते और हाईकोर्ट ने योजना की सभी पहलुओं पर विचार किया था"।हाई कोर्ट के फैसले को वकील गोपाल कृष्ण और वकील एमएल शर्मा ने चुनौति दी थी और एससी में भारतीय वायु सेना में भर्ती को लेकर भी याचिका दायर है, जिसपर 17 अप्रैल को सुनवाई होगी।