गुवाहाटी : एपीडीसीएल के प्री-पेड मीटर को लेकर अब भी राज्य भर में प्रतिक्रिया जारी है। एपीडीसीएल प्री-पेड मीटर लगाकर ग्राहकों से 100 फीसदी तक अधिक शुल्क वसूल रहा है। हालांकि, प्री-पेड मीटर लगाने का विरोध करने के बावजूद, एपीडीसीएल ने मार्च 2025 तक पूरे असम में प्री-पेड मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। उपभोक्ताओं की आपत्तियों के बावजूद बिजली विभाग ने अब तक ग्रामीण इलाकों में 60,000 प्री-पेड मीटर लगाए हैं। एपीडीसीएल ने जहां पोस्ट-पेड मीटर वाले आम ग्राहकों से बिजली सेवाओं के लिए 500 रुपए प्रति माह शुल्क लिया था, वहीं प्री-पेड मीटर जोडऩे के बाद बिल 500 रुपए प्रति सप्ताह हुआ। इसका मतलब यह है कि जिन ग्राहकों का मासिक बिल पहले 500 रुपए आता था, वे अब उतनी ही ऊर्जा खर्च करने के बावजूद उनको 2000 रुपए प्रति माह का भुगतान करना पड़ रहा है।
पूरे असम में प्रीपेड ग्राहकों द्वारा बिजली दरों के संबंध में इसी तरह की शिकायतें उठाए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आखिरकार एपीडीसीएल को लोगों की शिकायतें प्राप्त करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद एपीडीसीएल ने सोमवार को ग्राहकों की शिकायत दर्ज कराने के लिए एक मुफ्त हेल्पलाइन नंबर शुरू किया। एपीडीसीएल ने बिजली ग्राहकों के लिए शिकायत दर्ज कराने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर 1919 शुरू किया है और शिकायत My Bijulee ऐप और www.apdcl.org वेबसाइट पर दर्ज की जा सकती है।
ग्राहक सोशल मीडिया फेसबुक और ट्विटर पर @apdclsocial को टैग करके भी समस्या बता सकते हैं। ग्राहकों की शिकायत है कि पोस्ट-पेड प्रणाली में एपीडीसीएल ग्राहकों को उन्होंने महीने के दौरान कितनी बिजली का उपयोग किया और प्रति यूनिट बिजली पर कितना शुल्क लिया गया यह सूचित करते हुए बिल भेजता था। लेकिन प्री-पेड मीटरों के लिए बिजली की दरों और बिजली की कुल खपत का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है।
हालांकि, एपीडीसीएल के अधिकारियों ने ग्राहकों की गंभीर शिकायत का खंडन किया है। लेकिन कहा है कि मई से ग्राहकों को प्रत्येक रिचार्ज के बाद पीडीएफ प्रारूप में उनके बिजली उपयोग और टैरिफ बिल प्राप्त होंगे। एपीडीसीएल ने यह भी कहा कि प्री-पेड मीटर बिल का रिकॉर्ड My Bijulee ऐप में उपलब्ध है और आम ग्राहकों के लिए ऐप में बिल का रिकॉर्ड ढूंढना आसान नहीं है। इस बीच, एपीडीसीएल के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि प्री-पेड मीटरों का पहले रिचार्ज में पिछले बिलों के बकाया काट लिया जाता है। इसलिए बिल ज्यादा आ सकता है। लेकिन अगले रिचार्ज में यह समस्या नहीं रहेगी।