डिजिटल डेस्क: कोरोनावायरस का  भय एक बार फिर  लोगों  सताने लगा है कि कहीं दूसरी लहर की तरह ही स्थिति न हो जाए क्योंकि उस समय अस्पतालों में हालात बेहद खराब हो गए थे और ऑक्सीजन गैस से लेकर दवाओं के लिए जमकर मारामारी हुई थी और लाखों लोगों की जान चली गई थी। अब जानकारी मिल रही है कि अगले 10 दिनों में कोरोना कहर बरपाने वाला है तथा मामले तेजी से बढ़ेंगे। हालांकि राहत की बात ये है कि 10 दिनों के बाद कोविड-19 के केस गिरावट देखने को मिल सकती है और  वहीं पिछले 24 घंटों में कोरोना के 10 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं।

हेल्थ मिनिस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि भले ही इंफेक्शन कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया हो, लेकिन इंफेक्शन अब एंडेमिक स्टेज पर है, जोकि एक विशेष क्षेत्र तक ही सीमित रहता है।अगर महामारी की बात की जाए तो इंफेक्शन एक बड़े क्षेत्र को कवर कर लेता या फिर दुनिया में तबाही मचा देता है।

देश में कोरोना के 24 घंटों में 10,158 मामले दर्ज किए, जबकि पिछले सात महीनों में सबसे ज्यादा था, और हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से ये आकड़े जारी किए गए, जोकि डराने लग गए हैं और  संक्रमण दर लगातार बढ़ रही है, लेकिन मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले बेहद कम हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि कोरोना के नए XBB.1.16 वेरिएंट की वजह से मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन चिंता की बात नहीं है और वायरस के खिलाफ वैक्सीन प्रभावी है।

अस्पतालों में की गई मॉक ड्रिल:

ओमिक्रॉन के सबवैरिएंट XBB.1.16 का प्रसार तेजी से बढ़ा है,और दरअसल, फरवरी में इसका प्रसार 21.6% था, जोकि मार्च में 35.8% पर पहुंच गया। और हालांकि मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने या मौत होने की कोई घटना सामने नहीं आई तथा कोरोना की स्थिति को कंट्रोल करने के लिए 10 अप्रैल को देश भर में कई पब्लिक और प्राइवेट अस्पतालों में सुविधाओं की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मॉक ड्रिल किया गया हैं। इस दौरान हेल्थ मिनिस्टर मनसुख मंडाविया राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल पहुंचे थे और स्थिति का जायजा लिया था और  यहां भी मॉक ड्रिल की गई हैं।