डिजिटल डेस्क: माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद खान को यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है तथा उमेश पाल हत्याकांड के बाद असद अहमद पहली बार चर्चा में आया था। इससे पहले उसके खिलाफ एक भी केस दर्ज नहीं था, लेकिन घटना के बाद वो मोस्ट वांटेड बन गया था और एक तरह से इसे क्राइम की दुनिया में असद की आधिकारिक एंट्री मान सकते हैं। असद गैंगस्टर अतीक अहमद का तीसरा बेटा था और अतीक के जेल जाने के बाद से वहीं गिरोह को संभाल रहा था क्योंकि उसके दो बड़े भाई पहले से ही जेल में बंद हैं और असद के दो छोटे भाई भी है जो कि अभी नाबालिग हैं।
पुलिस की मानें तो असद लखनऊ से बैठकर पूरे गैंग को चलाता था।असद के कंधों पर गैंग की जिम्मेदारी उमर के जेल जाने के बाद आई और उमर अतीक अहमद का सबसे बड़ा बेटा है। उमर 2018 लखनऊ में एक प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल के अपहरण के मामले में चर्चा में आया था तथा बताया जाता है कि मोहित का अपहरण किए जाने के बाद उसे देवरिया जेल ले जाया गया था जहां अतीक अहमद बंद था।
अतीक का दूसरा बेटा अली भी पूर्वांचल और प्रयागराज में क्राइम की दुनिया का चर्चित नाम है। अली पर भी हत्या के प्रयास और रंगदारी के मामले दर्ज हैं तथा अली भी फिलहाल जेल में बंद है और दो भाइयों और पिता के जेल में बंद होने के बाद गिरोह चलाने की पूरी जिम्मेदारी असद के कंधों पर आ गई थी। असद को लेकर जहां तक जानकारी है कि वो 12वीं पास था और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहता था लेकिन पिता अतीक अहमद का क्राइम रिकॉर्ड उसके आड़े आ रहा था, जिसकी वजह से उसका पासपोर्ट क्लियर नहीं हुआ था और जिसके बाद असद बाहर नहीं जा सका। वहीं, अतीक अहमद का भाई अशरफ भी जुलाई 2020 से जेल में बंद है और अशरफ पर 50 से अधिक मामले दर्ज हैं. इसमें रंगदारी, अधिकारियों को धमकी समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
उमेश पाल हत्याकांड में भी उसे आरोपी था, लेकिन कोर्ट ने बरी कर दिया है और फिलहाल वो कई अन्य मामलों को लेकर जेल में बंद है। गौरतलब है कि 24 फरवरी को उमेश पाल की प्रयागराज में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई और उमेश पाल पर पहले बम से हमला किया गया और फिर गोली मारकर हत्या कर दी गई हैं और इस घटना को उमेश पाल के घर के सामने अंजाम दिया गया हैं तथा घटना का वीडियो भी सामने आया था जिसमें असद को साफतौर पर देखा गया था और उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड का गवाह था।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा था असद:
उमेश पाल हत्याकांड के बाद असद फरार चल रहा था और पुलिस उसे पकड़ने के लिए जगह-जगह छापेमारी भी की गई थी लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली थी, और अब करीब डेढ़ महीने बाद असद और यूपी एसटीएफ के बीच में मुठभेड़ होती है और वो मारा जाता है। इस मुठभेड़ में शूटर गुलाम भी ढेर गया है,जबकि दो आरोपियों को पुलिस पहले ही एनकाउंटर में ढेक कर चुकी है।