डिजिटल डेस्क: रविवार को सीबीआई ने शराब घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से करीब 9 घंटे की पूछताछ की और इस दौरान केजरीवाल ने सीबीआई के सारे सवालों के जवाब दिए।पूछताछ खत्म होने के बाद जांच एजेंसी ने बयान जारी कर कहा कि केजरीवाल के बयानों को रिकॉर्ड किया गया है और इसे वेरिफाइड किया जाएगा और फिर उनके बयानों को सबूतों से मिलाया जाएगा।
सीबीआई ने अपने बयान में कहा कि शराब घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस जारी किया गया था और उन्हें 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था और वह जांच में शामिल हुए। इस दौरान उनके बयानों को रिकॉर्ड किया गया और इसके बाद इसे सत्यापित किया जाएगा और उनके बयानों को उपलब्ध सबूतों से मिलाया जाएगा और जांच एजेंसी ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच जारी रहेगी।
14 के खिलाफ मामला दर्ज:
जांच एजेंसी ने आगे बताया कि साल 2021-22 की आबकारी नीति में अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया और 14 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और जांच के बाद सीबीआई ने 25 नवंबर 2022 को मुंबई स्थित एक फर्म के सीईओ और 6 अन्य आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ एक आरोप पत्र दायर किया गया था।
CBI ऑफिस के बाहर AAP नेताओं का प्रदर्शन:
इससे पहले दिन में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया और केजरीवाल से पूछताछ के खिलाफ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संजय सिंह सहित कई नेताओं ने सीबीआई ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस ने इन सभी हिरासत में ले लिया और हालांकि बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।वहीं, पंजाब के अमृतसर में भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और अरविंद केजरीवाल सुबह करीब 11 बजे सीबीआई हेडक्वार्टर पहुंचे थे और रात करीब साढ़े 8 बजे सीबीआई मुख्यालय से बाहर निकले।