दुमदुमा : असम -अरुणाचल प्रदेश की सीमा के दिराक गेट पर आज मंगलवार को सैकड़ों लोगों  ने विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि असम के युवक - युवतियों को अरुणाचल प्रदेश में नौकरी पाने के बावजूद  अरुणाचल के लोगों की ओर से हमेशा बाधा दिया जाता है और उन्हें ज्वाइनिंग नहीं करने दिया जाता है। इसी तरह की घटना के खिलाफ आज तिनसुकिया जिले के असम-अरुणाचल सीमा के डिराक गेट के सामने अंचल के विभिन्न दल संगठनों ने विरोध जताते हुए घंटो सड़क  जाम किया । जानकारी के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय लोगों ने नौकरी के सिलसिले में गए हुए असम के युवक-युवतियों को डरा धमकार अरूणाचल से भगा  दिया गया।

नौकरी के लिए गए युवकों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा, ऐसे में  उन युवको का  सामान भी वहीं रह गया। अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले के खुमसा स्थित ऑयल इंडिया लिमिटेड के अधीन अग्नि निर्वाहक वाहिनी में असम के 13 युवक - युवत ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए अरूणाचल गए थे , लेकिन अरूणाचली लोगों की ओर से जबरदस्त विरोध  होने के कारण उन्हें अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा। इस सिलसिले में अरुणाचल पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी  प्रदर्शनकारी लगा रहे हैं। दिराक सीमा पर तनाव को देखते हुए असम-अरूणाचल चौकी पर स्थित चेक गेट को बंद करने की सूचना है।

दूसरी ओर काकोपथार के निज संवाददाता के अनुसार अरुणाचल प्रदेश में नौकरी करने वाले असम के युवाओं को अरुणाचल छोड़कर जाने पर मजबूर किया जा रहा है। इसके विरोध में आज असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा स्थित दिराक गेट को जाम कर आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया गया। अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय लोग द्वारा असम के लोगों को अरुणाचल छोड़कर नहीं जाने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। वहां स्थित युवक अपना सामान छोड़कर वापस अपने घर की ओर लौटने पर मजबूर हो गए हैं। खुमटाई नामक स्थान में ऑयल इंडिया लिमिटेड के तहत अग्नि फायर ब्रिगेड में 13 युवा शामिल थे, जिन्हें अरुणाचल प्रदेश छोड़ने की धमकी दी गई। असम के लोगों का यह भी आरोप है कि अरुणाचल पुलिस को इसकी शिकायत करने पर भी उनके द्वारा कुछ नहीं किया जाता है और इसकी वजह से ही वे वहां से भागने के लिए मजबूर हो चुके थे।