डिजिटल डेस्क: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नेशनल क्वांटम मिशन को मंजूरी दे दी है और कैबिनेट ने क्वांटम टेक्नोलॉजिस के लिए वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान और विकास को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को मंजूरी दी है और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी दी।
इसके लिए 6003 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है और ये मिशन 2023-24 से 2030-31 तक है तथा भारत को अग्रणी देश बनाने के लिए इस मिशन को शुरू करने का फैसला किया गया है।
दुनिया के कुछ ही देशों में इसका उपयोग हो रहा है और इसके 4 अलग-अलग हब बनाए जाएंगे तथा इनका संचालन विज्ञान और तकनीक विभाग के मिशन डायरेक्टर करेंगे। मिशन को दिशा-निर्देश देने के लिए एक गवर्निंग बॉडी होगी और क्वांटम कम्प्यूटिंग सामान्य कंप्यूटर से कई गुना अधिक डेटा बेहद कम समय में प्रोसेस कर सकता है।
कम्यूनिकेशन, हेल्थ, फार्मास्यूटिकल्स, फाइनेंशियल सेक्टर, एनर्जी, डिफेंस और डाटा सिक्योरिटी में इसका उपयोग हो सकता है और इससे रिसर्च एंड डेवलेपमेंट को क्वांटम टेक्नोलॉजी में बढ़ावा मिलेगा। टीसीएस, एचसीएल और एमफैसिस जैसी टेक कंपनियां पहले से ही रुचि दिखा रही हैं।
अनुराग ठाकुर ने ये भी कहा कि आज फिल्म जगत के लिए पाईरेसी एक बड़ी चुनौती है और पाईरेसी और सर्टिफिकेशन को लेकर भी कई सुझाव आ रहे थे। पाईरेसी से करोड़ों का नुकसान होता था और आज कैबिनेट ने सिनेमैटोग्राफ एक्ट 2023 को भी मंजूरी दे दी है तथा इसे संसद के अगले सत्र में लाया जाएगा।