गुवाहाटी : गुवाहाटी में जल्द ही एक बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू होने जा रहा है। दरअसल, गुवाहाटी में अत्याधुनिक मां कामाख्या कॉरिडोर की रूपरेखा असम सरकार ने तैयार कर ली है। यानी जल्द ही राज्य सरकार मां कामाख्या कॉरिडोर पर कार्य शुरू करेगी। इसे 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' और मध्य प्रदेश के 'महाकाल कॉरिडोर' की तर्ज पर बनाया जाएगा। इसे लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि काशी विश्वनाथ धाम और श्री महाकाल महालोक कॉरिडोर की तरह मां कामाख्या कॉरिडोर भी एक ऐतिहासिक पहल होगी। मालूम हो कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा  ने एक एनीमेटेड वीडियो शेयर कर लोगों को यहां के भविष्य की एक झलक भी पेश की थी।

असम के सीएम के ट्वीट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया- मुझे यकीन है कि मां कामाख्या कॉरिडोर एक ऐतिहासिक पहल होगी। जहां तक आध्यात्मिक अनुभव का संबंध है, काशी विश्वनाथ धाम और श्री महाकाल महालोक परिवर्तनकारी रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिलना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलना उतना ही महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कल (मंगलवार) ट्वीट कर एक वीडियो साझा किया था।  मुख्यमंत्री ने वीडियो शेयर करते हुए कहा-निकट भविष्य में पुनर्निर्मित मां कामाख्या कॉरिडोर कैसा दिखेगा, इसकी एक झलक साझा कर रहा हूं।

जानकारी के अनुसार नीलाचल पर्वत पर कामाख्या मंदिर के अलावा, कामाख्या (अर्थात मातंगी और कमला के साथ त्रिपुर सुंदरी), काली, तारा, भुवनेश्वरी, बगलामुखी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, दशमहाविद्या के मंदिर हैं। वहीं नीलाचल पहाड़ी के चारों ओर भगवान शिव के पांच मंदिर कामेश्वर, सिद्धेश्वर, केदारेश्वर, अमरतोकेश्वर, अघोरा और कौटिलिंग हैं, जिन्हें कामाख्या मंदिर परिसर भी कहा जाता है।  ऐसे में कहा जा सकता है कि स्वरूप केवल मां कामाख्या मंदिर का ही नहीं बदलेगा, बल्कि दूसरे तमाम मंदिरों को भी नया रूप मिल जाएगा।