गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की अध्यक्षता में आज बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने असम में 8201.29 करोड़ रुपए के आठ मेगा प्रोजेक्ट के लिए निवेश को मंजूरी दे दी। जनता भवन स्थित मुख्यमंत्री सभागार में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा के नेतृत्व में चल रही सरकार के कार्यकाल का दूसरे वर्ष पूरे होने के ठीक एक दिन पहले नौ मई को आठ कपनियों के साथ मेगा प्रोजेक्ट के तहत यहां निवेश करने के मद्देनजर समझौता ज्ञापन (एमओयू)पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके जरिए असम में पहली बार एक साथ 8201.29 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इस प्रोजेक्ट के पूरे के साथ ही 6100 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
मंत्री जयंत ने कहा कि इसके साथ ही असम-अरुणाचल सीमा समस्या के समाधान के लिए कल नई दिल्ली में दोनों सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ ही नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसमें दोनों राज्यों की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर इस पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को असम और अरुणाचल दोनों के राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गुवाहाटी के खानापाड़ा में दोनों राज्यों के बीच सीमा मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की थी। बैठक के दौरान दोनों ने अगले महीने बैठक आयोजित करने का फैसला किया जहां छह क्षेत्रों में मतभेदों को हल करने के लिए चर्चा की जाएगी।
बैठक में दोनों मुख्यमंत्रियों के अलावा क्षेत्रीय समितियां भी मौजूद थीं। असम सरकार ने पड़ोसी राज्य के साथ अंतर-राज्यीय सीमा मुद्दों पर अरुणाचल प्रदेश के साथ बातचीत के लिए क्षेत्रीय समितियों का गठन किया और इस संबंध में हाल के दिनों में क्षेत्रीय समितियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। पिछले साल असम के मुख्यमंत्री और खांडू द्वारा हस्ताक्षरित नामसाई घोषणा के बाद क्षेत्रीय समिति ने संयुक्त रूप से पहली बार क्षेत्र का दौरा किया। मंत्री ने कहा कि 2022 में राष्ट्रीय खेल में मेडल जीतने वाले 10 खिलाड़ियों को तृतीय श्रेणी की नौकरी देने पर मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी।
इस दौरान मंत्री अशोक ङ्क्षसघल ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में आपातकाल लगाया गया था। उस समय उस फैसले को असम में काफी लोगों ने विरोध किया था। तत्कालीन सरकार द्वारा उन लोगों को जेल में डाल दिया गया था। मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि असम के ऐसे 301 लोगों को मासिक पेंशन के रूप में 15 हजार रुपए दिए जाएंगे। अगर ऐसे व्यक्ति का निधन हो चुका है तो उनकी पत्नी या उनकी पुत्री को यह पेंशन दिया जाएगा।