डिजिटल डेस्क: समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और आज तीसरे दिन की सुनवाई के दौरान केंद्र और याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर कई टिप्पणियां की तथा सेम सेक्स मैरिज पर सुनवाई अभी जारी है। 

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस दौरान सवाल किया कि क्या शादी के लिए दो अलग-अलग लिंग का होना जरूरी है और पांच जजों की संविधान पीठ के समक्ष चल रही सुनवाई का लाइव प्रसारण कोर्ट की वेबसाइट और यूट्यूब पर हो रही है।

सीजेआई ने इस दौरान अहम टिप्पणी भी की और  उन्होंने कहा कि समलैंगिक संबंध सिर्फ शारीरिक नहीं है बल्कि इससे कहीं ज्यादा यह इमोशनल रिश्ता है। 69 साल पुराने मैरिज एक्ट के दायरे का विस्तार करना गलत नहीं है और अब ये रिश्ता हमेशा के लिए टिके रहने वाले हैं।

चीफ जस्टिस ने और क्या-क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट जिस तरह से अयोध्या मामले की सुनवाई की ठीक उसी तरह से इस मामले की भी सुनवाई करेगा।

कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की पूरी रूपरेखा तय कर दी है. जिसके आधार पर अब आगे की सुनवाई होगी।

कोर्ट ने कहा कि हम केवल इतना देखेंगे कि स्पेशल मैरिज एक्ट में समलैंगिक शादी की व्याख्या की जा सकती है?