नई दिल्ली : खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह को रविवार सुबह मोगा के गांव रोडे से गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार देर रात ही वह गांव रोडे पहुंच गया था और सुबह गुरुद्वारा साहिब में संगत को संबोधित करने के बाद उसने पुलिस को गिरफ्तारी दी। 36 दिन बाद अमृतपाल के पुलिस के हत्थे चढ़ा लेकिन इसकी पटकथा पहले ही तैयार हो गई थी। गुरुवार को अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर को सुरक्षा एजेंसियों ने विदेश जाने से रोक दिया था। वह लंदन की फ्लाइट पकड़ने के लिए सुबह 11.40 बजे श्री गुरु राम दास जी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट राजासांसी (अमृतसर एयरपोर्ट) पहुंची थीं। फ्लाइट ढाई बजे रवाना होनी थी। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को जैसे ही भनक लगी कि किरणदीप बाहर जाने वाली है, तत्काल उसे एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया।

किरणदीप के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होने के कारण उसे यात्रा की अनुमति नहीं दी गई। उसे पूछताछ के लिए इमिग्रेशन कार्यालय ले जाया गया। अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने उससे लंदन जाने के कारण के बारे में पूछताछ की। उससे कुछ दस्तावेजों पर अंडर टेकिंग भी ली गई और उसकी यात्रा रद्द करवा कर उसे उनके घर जल्लूपुर खेड़ा छोड़ दिया गया था। एजेंसियों ने किरणदीप कौर के कुछ दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए थे। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि किरणदीप अपने परिवार के सदस्यों से मिलने जा रही थी। किरणदीप कौर ने कहा था कि जब उसके खिलाफ भारत में कोई केस नहीं है तो उसे क्यों रोका गया है। किरणदीप ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर विरोध जताया।

किरणदीप कौर एनआरआई है। उसके पास यूके की नागरिकता है। उसका परिवार मूलरूप में जालंधर जिले के गांव कुलारा का रहने वाला है। उसने अमृतपाल के साथ इसी वर्ष 10 फरवरी को गांव जल्लूपुर खेड़ा के गुरुद्वारा में शादी कर ली थी। कानून के अनुसार किरणदीप कौर 160 दिनों के लिए लगातार भारत में रह सकती है। वह शादी से करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से ही अमृतपाल के संपर्क में आई थी।