गुवाहाटी: जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने आज विभागीय कार्यालय में मुख्य अभियंता और विभाग के अन्य वरिष्ठ इंजीनियरों की उपस्थिति में असम बाढ़ और नदी कटाव प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक की।  बैठक में पिछले मानसून सीजन के दौरान ढह गए 26 बांधों के 44 जगह के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों पर भी चर्चा हुई। पिछले मानसून के मौसम में क्षतिग्रस्त हुए बांध में 44 दरारें हैं और 44 दरारों की मरम्मत की जा चुकी है। बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री हजारिका ने कहा कि बाढ़ असम की सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं में से एक है।

जल संसाधन विभाग पूर्व में मुख्यमंत्री की सद्भावना से इस समस्या का समाधान करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष विभाग के प्रयासों से करीब 121 स्थानों पर बांध टूटने से बचा लिया गया था। विभाग ने पिछले एक साल में बांधों के 44 जगहों पर मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले मानसून सीजन के दौरान 41 स्थानों पर क्षतिग्रस्त 26 बांधों को मुख्यमंत्री हिमंत की सलाह पर मजबूत किया गया है और इनमें से लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मंत्री ने असम के विभिन्न जिलों में काम करने वाले इंजीनियरों से आगामी मानसून के मौसम के कारण बाढ़ के नुकसान के जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने का भी आग्रह किया ।

मंत्री के आमंत्रण पर इंजीनियरों ने राज्य में बांधों के कुल 108 संवेदनशील क्षेत्रों का जिक्र किया और विभाग को अगले 15 दिनों के भीतर इन क्षेत्रों में जिओ बैग और साही की मदद से रोकथाम का काम करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि  राज्य में बाढ़ आमतौर पर गरीबों और ग्रामीण लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। विभागीय अधिकारियों से बाढ़ नियंत्रण कार्यों को ईमानदारी और बिना किसी समझौते के करने का आग्रह किया। विभाग के पास वर्तमान में आने वाले मानसून के मौसम के लिए एक मिलियन जियो बैग और एक लाख साही का स्टॉक है।