गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को दिसपुर के जनता भवन में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जयंत मल्ल बरुवा ने संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार में 1,00,000 नौकरियों की भर्ती के क्रम में आयोजित तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षा का परिणाम क्रमश: 3 और 4 मई को घोषित किए जाएंगे। अगले 15-20 दिनों में भर्तियों को नियुक्ति पत्र वितरण की तैयारी पूरी कर ली जाएगी।

सफल उम्मीदवारों को 11 मई को सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में 50,000 सरकारी नौकरियों की भर्ती के तहत तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए नियुक्ति-पत्र वितरित किए जाएंगे। भर्ती किए गए लोगों को जून में ज्वाइङ्क्षनग दे दी जाएगी। गौरतलब है कि राज्य की हिमंत सरकार अपने वादे के मुताबिक राज्य में एक लाख बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने के करीब पहुंच चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 11 मई को राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ मनाई जाएगी।

इसी कार्यक्रम में एक साथ 50 हजार सरकारी नौकरी के नियुक्ति-पत्र बांटे जाएंगे। स्वाभाविक रूप से यह देश में एक रिकॉर्ड होगा। राज्य सरकार पहले ही विभिन्न विभागों में लगभग 42,000 सरकारी नौकरियों की भर्ती कर चुकी है। 11 मई को एक साथ 50,000 नौकरियां देने के साथ भाजपा सरकार लगभग 92,000 सरकारी नौकरियों का वितरण पूरा करेगी। मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि जून में और 6,000 सरकारी नौकरी के विज्ञापन जारी किए जाएंगे। ऐसे में सरकार को चालू वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियों की भर्ती का लक्ष्य पूरा करना लगभग तय है।

मंत्रिमंडल ने तिनसुकिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण के लिए 614.93 करोड़ रुपए की मंजूरी भी दी। कैबिनेट ने पांच मिनी आईआईटी के 170 फिक्स्ड कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के वेतन में सालाना 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है। कैबिनेट ने जिला स्तर पर प्रशासनिक सुधारों पर भी दूरगामी फैसले लिए। मंत्रिमंडल ने उपायुक्तों के मूल्यांकन के मानदंड और जिला अधिकारियों की संख्या बनाए रखने के लिए एक नीति से संबंधित निर्णय किए। तदनुसार अब से जिला आयुक्तों की दक्षता का मूल्यांकन राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में जिले के योगदान के आधार पर किया जाएगा।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि उपायुक्तों के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन का मानदंड विशिष्ट निगरानी योग्य मापदंडों पर आधारित होगा। डीसी के काम की समीक्षा करते समय मापने योग्य मापदंडों का आकलन किया जाएगा और रिपोर्ट में इसकी 40 प्रतिशत प्राथमिकता होगी। कैबिनेट ने फैसला लिया कि जब तक उचित प्रतिस्थापन नहीं होगा तब तक आईएएस, एसीएस, एएलआरएस अधिकारी छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे। जिले की जनसंख्या के आधार पर निर्धारित प्रशासनिक अधिकारियों के पदों पर कोई रिक्तियां नहीं होंगी। राज्य सरकार की योजनाओं को जिले कैसे क्रियान्वित कर पाए हैं, इसका मूल्यांकन किया जाएगा।