शिवसागर/गुवाहाटी : शिवसागर में बिहू के चंदे के नाम पर एक युवा व्यवसायी के मुंह पर थूकने की घटना को लेकर राज्यभर में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। घटना के संदर्भ में मुख्य आरोपी श्रृंखल चालिहा के खिलाफ पीडि़त व्यवसायी अंकुश केडिय़ा की ओर से रविवार को शिकायत दर्ज दर्ज कराने के बाद सोशल मीडिया पर मामले की खूब चर्चा देखी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए असम पुलिस के महानिदेशक जीपी ङ्क्षसह ने शिवसागर पुलिस को आरोपी चालिहा के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीजीपी के निर्देश के बाद शिवसागर पुलिस हरकत में आई और आज सुबह इस घटना के आरोपी श्रृंखल चालिहा को उनके फूकन नगर स्थित निवास स्थान से गिरफ्तार किया और उसके बाद चालिहा से कड़ी पूछताछ की। इधर स्वास्थ्य परीक्षा के बाद उन्हें कोर्ट में हाजिर किया गया जहां अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें पंद्रह हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई। हालांकि आज कोर्ट का समय खत्म हो जाने के कारण मुचलके का पंद्रह हजार रुपए जमा नहीं किया जा सका, जिसके चलते आज श्रृंखल चालिहा को जेल भेज दिया गया और कल सुबह उनके निजी मुचलके की पैसे जमा होने के बाद रिहा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गत 28 अप्रैल को बिहू के चंदे को लेकर घटी इस घटना के तीन दिन बाद कल एक मई को इस संबंध में पीडि़त अंकुश केडिय़ा की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इधर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आज सुबह श्रृंखल चालिहा को गिरफ्तार किया और उन्हें गिरफ्तार करके शिवसागर सदर थाने में न ले जाकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। इस संबंध में विभिन्न संस्था-संगठनों के लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसे लेकर शिवसागर में पुलिस प्रशासन को अपनी चौकसी कड़ी करनी होगी तथा इस तरह की कार्रवाई को अंजाम देने और चंदे के नाम पर जोर जबरदस्ती करने वाले लोगों पर पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी होगी। मालूम हो कि गत 28 और 29 अप्रैल को शिवसागर शहर के केपीएम हॉल में आयोजित हुए एक बिहू कार्यक्रम को लेकर आयोजन समिति के कुछ सदस्य गत 28 अप्रैल को शिवसागर बीजी रोड स्थित अंकुश केडिय़ा की दुकान पर चंदे की मांग को लेकर पहुंचे थे। इस दौरान व्यवसायी अंकुश केडिय़ा ने बिहू आयोजन समिति के सदस्यों को बताया कि उनके प्रतिष्ठान का जो भी चंदा होता है, वह स्टेशन चाराली व्यवसायिक संस्था के जरिए भुगतान किया जाता है। इसीलिए वे लोग व्यवसायिक संस्था के साथ संपर्क करें, परंतु इसके बाद आयोजन समिति के सदस्यों ने अपने किसी एक नेता से अंकुश केडिय़ा की मोबाइल पर बात करवाई और इसके बाद फोन पर कहासुनी के बाद आयोजन समिति के सचिव श्रृंखल चालिहा वहां पहुंच गया और गर्मा-गर्म बहस होने के बाद उसने अंकुश केडिय़ा के मुंह पर थूक दिया।
इस घटना के बाद भी श्रृंखल चालिहा ने अंकुश केडिय़ा को काफी खरी-खोटी सुनाई और शिवसागर छोड़कर जाने तक की धमकी दे डाली। घटना के बाद उक्त युवा व्यवसायी काफी हताश और परेशान था और इस संबंध में क्या करें क्या न करने की स्थिति के बाद आखिरकार एक मई को शिवसागर सदर थाने में एक शिकायत दर्ज की गई। मालूम हो कि प्रदेश कांग्रेस के सचिव एवं तेज तर्रार युवा नेता गौरव सोमानी ने पूरे मामले को टिविटर के जरिए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा और डीजीपी जीपी सिंह से श्रृंखल चालिहा के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने और उसे गिरफ्तार करने की मांग की थी। सोमानी ने इस पूरे घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि हम इस तरह की घटना को बर्दाश्त नहीं करेंगे। असम पुलिस के डीजीपी जीपी सिंह ने सोमानी का टिवीट का जवाब देते हुए पूरे मामले में संज्ञान में लिया और शिवसागर पुलिस को चालिहा के खिलाफ काूनी कार्रवाई करने का तुरंत निर्देश दिया। डीजीपी के निर्देश के बाद चालिहा को उसके शिवसागर निवास स्थान से गिरफ्तार कर लिया गया। मालूम हो कि गौरव सोमानी ने ऐसे कई मुद्दों पर समाज हित में खुलकर सामने आए हैं और अपनी बातों को बेबाक रखे है। सोमानी द्वारा इस मुहिम की समाज के सभी वर्गों ने प्रशंसा की। दूसरी ओर स्थानीय विधायक अखिल गोगोई ने आरोपी श्रृंखल चालिहा की गिरफ्तारी का विरोध किया।
विधायक अखिल गोगोई ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि श्रृखल चालिहा द्वारा व्यापारी के मुंह पर थूकने की घटना की वे निंदा करते हैं। लेकिन इसके बाद भी चालिहा की गिरफ्तारी का वे समर्थन नहीं करते। उन्होंने लिखा कि जातीय संगठन के नेता के साथ मारपीट करने वाले बहिरागत ठेकेदार को गिरफ्तार करने के लिए थाने के बाहर धरना देना पड़ता है और बिहू चंदा मांगने के दौरान हुई घटना से जुड़े जातीय संगठन के नेता के खिलाफ बहिरागत द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के साथ उसे गिरफ्तार किया जाता है। विधायक गोगोई ने इसे खिलंजीया सरकार का असली स्वरूप बताया। अभी तक इस मामले में हिंदीभाषी संगठनों की भूमिका काफी लचर रही है। इस तरह की घटना के खिलाफ सशक्त आवाज उठाने की जरूरत है। पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष कैलाश काबरा ने शिवसागर में बिहू पर चंदा वसूली की घटना पर संज्ञान लेते हुए सभी से अनुरोध किया है कि असम शांति प्रिय प्रदेश के पथ पर बहुत आगे बढ़ चुका है। कुछ लोगों को ये शांति अखरती है और अपनी राजनीति एवं एजेंडे के तहत ये सब सोची-समझी चाल है जो असम के सौहाद्र्र को खत्म करना चाहती है। सभी से निवेदन करते हुए शांति बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार पर भरोसा रखें। दोषियों पर कार्रवाई अवश्य होगी, ऐसा आश्वासन उन्हें प्रशासन से प्राप्त हुआ है। इस दिशा में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सभी अवगत हैं। चंदा संस्कृृति को खत्म करने के लिए असम सरकार ने बिहू पर अनुदान राशि देना आरंभ किया, जो सराहनीय है।
पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन इसकी अनुसंशा करता है। सम्मेलन के महामंत्री विनोद कुमार लोहिया ने बताया कि शिवसागर में घटित घटना पर प्रशासन से मंत्रणा हुई है। सम्मेलन की और से लिखित ज्ञापन भी दिया गया है तथा सरकार से भी इस संदर्भ में वार्ता चल रही है। इधर पूर्वोत्तर प्रादेशीय मारवाड़ी युवा मंंच ने शिवसागर में एक श्रृंखल चालिहा नामक युवक द्वारा एक व्यवसायी के मुंह पर थूक फेंके जाने घटना की कड़े शब्दो में निंदा की। पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय अध्यक्ष पंकज जालान ने इस संबंध में कहा है कि चंदे के नाम पर एक जाति विशेष समुदाय को टारगेट कर लिया जाता है, परंतु बिहू असम में रहने वाले सभी समुदाय का जातीय उत्सव है और सभी समाज द्वारा बिहू आयोजित किया जाता है। पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी युवा मंच शाखा स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक बिहू का आयोजन करती आई है व हमेशा करती रहेगी। असम के मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की बिहू उत्सव के दौरान किसी से जबरदस्ती चंदा नही लें और अपने पैसों से बिहू का आयोजन करें। इस अपील के बाद भी कुछ आयोजन समिति द्वारा जबरदस्ती चंदा उगाही करना व चंदा देने में अपनी असमर्थता दिखाने पर गाली-गलोज और अपशब्द कहना कतई जायज नहीं है। उधर ऑल असम ट्रेडर्स एसोसिएशन (एएटीए) के मुख्य संयोजक प्राणतोष राय और संयोजक नयन देवान ने भी चंदा के नाम पर व्यापारी के साथ दुव्र्यवहार किए जाने का विरोध किया है और चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।