गुवाहाटी : राज्य सरकार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा की उपस्थिति में श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित एक समारोह में नौ कंपनियों के साथ नौ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत 8201.29 करोड़ रुपए के अनुमानित निजी निवेश के लिए मंजूरी दे दी गई। राज्य सरकार के उद्योग, वाणिज्य और सार्वजनिक उद्यम आयुक्त ओइनम शरण कुमार सिंह ने पेप्सिको इंडिया होल्डिंग लिमिटेड, वरुण बेवरेजेज लिमिटेड,कैलकॉम सीमेंट इंडिया लिमिटेड, स्टार सीमेंट एनई लिमिटेड, सेंचुरी फ्लोट ग्लास लिमिटेड, ताज सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड, स्टार सीमेंट इंडिया लिमिटेड और डीएस समूह उद्योगों के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

दूसरी ओर एमडी एआईडीसी मानवेंद्र प्रताप सिंह ने पूर्वोत्तर से बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एयर कार्गो हैंडलिंग सुविधा के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए एलजीबीआई हवाई अड्डे पर पेरिशेबल कार्गो के  एक केंद्र के लिए अडानी समूह के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा राज्य के निजी निवेश में आज 8201.29 करोड़ रुपए का योगदान मिला है। डॉ. शर्मा ने कहा कि मुझे यकीन है कि यह निवेश विकास की दर में तेजी लाने और त्वरित विकास गति प्रदान करने के लिए अच्छा होगा। यह हमारी आशाजनक यात्रा की शुरुआत है क्योंकि आगे राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में कई और निवेश होंगे। उन्होंने आगे कहा कि पिछले दो साल हमारे इतिहास में अद्वितीय रहे हैं। कारण कि असम आंदोलन के बाद पहली बार हमने ऐसा कोई बंद या आंदोलन नहीं देखा है जिसने राज्य के औद्योगिक वातावरण को खतरे में डाला हो।

राज्य के औद्योगिक विकास में तेजी लाने के लिए असम सरकार ने व्यक्तिगत निजी निवेश को 100 करोड़ रुपए से अधिक के आकार में मदद करने के लिए एक अनुकूलित औद्योगिक नीति तैयार की है। इसलिए राज्य सरकार ने असम को एक मजबूत विकास पथ पर लाने के लिए एक अनुकूल निवेश माहौल प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पेय पदार्थ, नमकीन और खाद्य निर्माण, सीमेंट, कांच, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मेगा औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि निवेश और अनुवर्ती गतिविधियों से राज्य में अनुमानित 6115 रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

एसजीडीपी के त्वरित विकास के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बजट में राज्य सरकार ने 3000 करोड़ रुपए का एक कोष बनाया है ताकि स्वयं सहायता समूहों के सभी सदस्य खुद को सूक्ष्म उद्यमियों में परिवर्तित कर सकें ताकि वे एसजीडीपी की वृद्धि में योगदान कर सकें। सरकार ने राज्य में दो लाख नए युवा उद्यमी बनाने के प्रयास में प्रत्येक उद्यमी को 2 लाख रुपए की स्वच्छ सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि असम कौशल विश्वविद्यालय के चालू हो जाने के बाद राज्य को हर साल कम से कम 10 हजार कुशल जनशक्ति मिलेगी। इस अवसर पर उद्योग और वाणिज्य मंत्री विमल बोरा ने भी अपना वक्तव्य रखे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री अतुल बोरा, हथकरघा, वस्त्र एवं मृदा संरक्षण मंत्री उर्खाव गौरा ब्रह्म, वित्त मंत्री अजंता नेउग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री केशव महंत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी आदि मंत्री जयंत मल्ल बरुवा, चाय जनजाति कल्याण मंत्री संजय किशन, राजस्व मंत्री जोगेन मोहन और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।