इस्लामाबाद/लाहौर : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मंगलवार को अर्धसैनिक बलों ने उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में मौजूद थे। इससे एक दिन पहले ही खान ने देश की सेना पर कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। पाकिस्तान की सेना ने एक दिन पहले ही आरोप लगाया था कि खान खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की वरिष्ठ नेता शिरीन मजारी के अनुसार, लाहौर से संघीय राजधानी इस्लामाबाद आए पार्टी अध्यक्ष खान अदालत में एक बायोमेट्रिक प्रक्रिया से गुजर रहे थे, तभी रेंजर्स ने कांच की खिड़की को तोड़ दिया और वकीलों एवं खान के सुरक्षा कर्मचारियों की पिटाई करने के बाद उन्हें (खान को) गिरफ्तार कर लिया। टीवी फुटेज में नजर आ रहा है कि रेंजर्स खान को कॉलर से पकड़कर ले जा रहे हैं और उन्हें एक कैदी वाहन में बैठाया जा रहा है। रेंजर्स, आंतरिक मंत्रालय के तहत काम करते हैं और आमतौर पर सेना से प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों द्वारा निर्देशित होते हैं।
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की कि खान को एक भूमि संपत्ति कारोबारी मलिक रियाज को हस्तांतरित करने के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है और उन्हें एनएबी को सौंपा जा रहा है। उन्होंने बताया कि खान को अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया गया है जो पंजाब के झेलम जिले के सोहावा क्षेत्र में 2019 में सूफीवाद के लिए अल-कादिर विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित है। उन्होंने कहा कि उनकी (खान) गिरफ्तारी का वारंट आज सुबह जारी किया गया था और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। हालांकि, खान के गिरफ्तारी वारंट से पता चलता है कि यह एक मई को जारी किया गया था। वारंट में कहा गया है कि खान पर भ्रष्टाचार और भ्रष्ट आचरण का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने खान का पहले से रिकॉर्ड किया एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जब तक मेरी ये बातें आप तक पहुंचेगी, तब तक मुझे निराधार मामले में गिरफ्तार किया जा चुका होगा। इससे पता चलता है कि पाकिस्तान में मौलिक अधिकारों और लोकतंत्र को दफन कर दिया गया है।
खान ने कहा कि यह सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे चाहते हैं कि मैं उस भ्रष्ट, आयातित सरकार को स्वीकार कर लूं जो हम पर जबरदस्ती थोपी गई है। इमरान ने कहा कि मुझ पर कोई मामला नहीं है। वे मुझे जेल में डालना चाहते हैं, मैं इसके लिए तैयार हूं। उन्होंने कहा कि आईएसआई मेरा कत्ल कराना चाहती है। इनकी गुलाम से तो मौत बेहतर है। मुझे झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है। खान की गिरफ्तारी ऐसे समय की गई है जब पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को उनकी बिना किसी सबूत के एक सेवारत आईएसआई अधिकारी के खिलाफ बेहद गैर जिम्मेदाराना और निराधार आरोप लगाने के लिए आलोचना की थी। इस्लामाबाद पुलिस ने महानिरीक्षक (आईजी) अकबर नासिर खान के हवाले से एक संक्षिप्त बयान जारी किया, जिसमें कहा गया था कि खान को उस मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें आरोप है कि बहरिया टाउन ने पीटीआई अध्यक्ष एवं उनकी पत्नी बुशरा बीबी के स्वामित्व वाले अल-कादिर ट्रस्ट को 53 करोड़ रुपए की जमीन आवंटित की थी।
पुलिस प्रमुख ने यह भी कहा कि इस्लामाबाद में स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि संघीय राजधानी में धारा 144 लागू कर दी गई है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इमरान की पार्टी ने आरोप लगाया कि खान को प्रताडि़त किया जा रहा है, लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं इमरान खान के समर्थकों ने उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पार्टी कार्यकर्ता कराची में पीटीआई के मुख्य कार्यालय इंसाफ हाउस, पेशावर और लाहौर में एकत्रित होने लगे हैं। रावलपिंडी में सेना के हेडक्वार्टर पर इमरान समर्थकों ने धावा बोल दिया। पेशावर में भी पीटीआई समर्थकों का प्रदर्शन हिंसक हो चुका है। पीटीआई कार्यकर्ताओं ने लाहौर में भी सड़कों को जाम कर दिया और प्रदर्शन किया।