गुवाहाटी : संयुक्त मणिपुरी संस्था,असम (जूएमएए) की कामरूप मेट्रो जिला इकाई ने गत दिनों मणिपुर में हुए हिंंसा की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके साथ ही इस घटना के पीछे मणिपुर में वर्षो से रहे शरणार्थीे कुकी सेना का हाथ बताया, जिस पर हिंसा को अंजाम देने का आरोप है। इसके साथ ही केंद्र सरकार से इस घटना की जांच के साथ राज्य में अमन व शांति के लिए भारतीय मेतैई समाज को सुरक्षा व संरक्षण देने की मांग की। इसके साथ ही मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को 9 मई को एक ज्ञापन भी सौंपा।
आज गुवाहाटी प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में संयुक्त मणिपुरी संस्था,असम (जूएमएए) की ओर से आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मणिपुर के पूर्व सांसद कार्तिक सिंह का कहना है कि मणिपुर में हुए हिंसा का हम समाधान चाहते हैं, इसके साथ ही विश्वभर में अमन, शांति व अहिंसा के लिए विख्यात ग्रेटर मणिपुर राज्य में संर्घष बंद हो, इसकी कामना करते हैं । संगठन के प्रवक्ता तथा कानूनी सलाहकार सुरोचंद्र सिंह का कहना है कि मणिपुर में हुए जातीय संघर्ष में करीब 2 हजार से अधिक घर नष्ट हो गए। इसके साथ ही तीन सौ से अधिक लोगो की मौत है चुकी है। हम केंद्र सरकार से मणिपुर में हुए इस घटना के शिकार लोगों के पुनर्वास, जांच और दोषियों को सजा देने की मांग करते हैं।
राज्य में शांति और एनआरसी के साथ ही स्थानीय लोगों के हित के लिए भूमि का अधिकार देने की मांग करते हैं। जूएमएए के महासचिव अमरजीत सिंह का कहना है कि समय - समय पर कुकी समाज का संघर्ष सरासर गलत व अनैतिक है। इस समस्या के समाधान की केंद्र सरकार से मांग करते हैं ताकि मणिपुर के स्थानीय लोगों को सुकून मिल सके तथा वे अमन व चैन की नींद सो सकें। मौके पर सभी मंचासीन लोगो ने कहा कि हम हमेशा मणिपुर में जातीय हिंसा का खिलाफत करने के साथ अमन व शांति के लिए काम करते हैं। इस मौके पर उपस्थित कई महिलाएं भी मणिपुर की व्यथा पर अपना विचार रखते हुए भावुक हो गई। इसके साथ ही सभी में वहां के निवासियो के लिए अमन चैन व सुरक्षा की मांग की, वहीं दूसरी ओर संध्या के समय मणिपुर राज्य के हिसा को लेकर मणिपुर समाज ने भांगागढ़ स्थित मणिपुर भवन के पास कैडल के जरिए प्रार्थना की।