गुवाहाटी : डिब्रूगढ़ की बहुचॢचत डॉ.सरिता तोषनीवाल हत्याकांड का मामला डिब्रूगढ़ जिला अदालत में चल रहा है। बलात्कार और चिकित्सक की हत्या की पूरे असम ने कड़े शब्दों में ङ्क्षनदा की थी। यहां तक कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने भी पीडि़त पीरिवार से मिलकर न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। अब शुक्रवार को जिला अदालत का फैसला आने वाला है। अब देखना होगा कि मुख्य आरोपी डॉ दीपमणि सैकिया और वार्ड बॉय किरू मेस को क्या सजा मिलती है। हालांकि कई संस्था, स्थानीय लोग और कांग्रेस पार्टी की ओर से फांसी देने की की मांग की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि असम प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव और अखिल भारतीय प्रोफेशनलस कांग्रेस असम इकाई के अध्यक्ष गौरव सोमानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि डॉ सरिता तोषनीवाल के सबसे सनसनीखेज बलात्कार सह हत्या मामले में  9 साल बाद कल डिब्रूगढ़ जिला अदालत में न्याय मिलने की उम्मीद है। सोमानी ने कहा कि कल फैसले के दिन के रूप में लोक अभियोजक द्वारा सूचित किया गया है और सजा मुकर्रर की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरिता के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अंदर ड्यूटी के दौरान बलात्कार किया गया था और कायरतापूर्वक डॉ दीपमणि सैकिया और वार्ड बॉय किरू मेस द्वारा हत्या कर दी गई थी। उल्लेखनीय है कि मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंपा  गया था।

उस समय सोमानी ने पुलिस जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खामियों को उजागर किया था। पूर्व मुख्यमंत्री स्व:तरुण गोगोई ने परीक्षण के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।  जांच में खामियों को देखने के लिए प्रतीक हजेला के नेतृत्व में एक विशेष समिति का भी गठन किया गया था। सोमानी ने कहा कि परिवार को न्याय मिले यह सुनिश्चित करने के लिए हमने अपनी ओर से जो भी संभव था किया। उन्होंने कहा कि हम आरोपी डॉ दीपमणि सैकिया और वार्ड बॉय किरू मस दोनों को फांसी से कम की सजा की उम्मीद नहीं करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और मामले के आरोपियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी इसकी हम जिला अदालत से मांग करते हैं।