डिब्रूगढ/गुवाहाटी : देश को झकझोर देने वाली डॉ सरिता तोषनीवाल हत्याकांड का अंतिम फैसला आज होना था, लेकिन आरोपी किरू मेच की अदालत में अनुपस्थिति के कारण फैसला आगामी 17 मई को सुनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार डॉ सरिता तोषनीवाल हत्याकांड के 9 वर्ष के बाद आज फैसला होने वाला था लेकिन स्वास्थ्य जनक कारणों का हवाला देते हुए मामले का आरोपी किरू मेच अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। जिस कारण जिला न्यायाधीश ने मामले पर फैसला आगामी 17 मई को किए जाने का निर्धारित किया, जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी डॉ दीपमणि सैकिया अदालत में उपस्थित हुआ।
मृतक डॉ सरिता तोषनीवाल के भाई सुशील तोषनीवाल ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि इसी प्रकार नौ साल बीत गए। आज जजमेंट का दिन था, लेकिन वह ही टल गया। उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा है समय जितना भी लंबा हो अंततः मृतक डॉ सरिता तोषनीवाल को न्याय एक दिन मिलेगा। गौरतलब है कि 9 मई 2014 को डॉ दीपमणि सैकिया और वार्ड बॉय किरू मेच द्वारा कथित तौर पर ड्यूटी के दौरान असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अंदर डॉ सरिता तोषनीवाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी । सरिता इंटेंसिव केयर यूनिट के डॉक्टर के केबिन में मृत पाई गईं। मृतक का शव कंबल से ढका हुआ था और केबिन के अंदर बिस्तर पर पड़ा हुआ था। उक्त हत्याकांड में डिब्रूगढ़ पुलिस ने विभाग के वार्ड बॉय किरू मेच को गिरफ्तार किया।
जिसने बाद में अपराध कबूल कर लिया, जिसके बाद इस मामले में दीपमणि सैकिया को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। देश भर में सनसनी फैलाने वाले डॉ सरिता तोषनीवाल हत्यकांड मामले पर नौ साल बाद आज न्याय मिलने की उम्मीद थी। दूसरी ओर कांग्रेस नेता गौरव सोमानी ने न्याय पालिका के ऊपर आस्था जताते हुए कहा कि 17 मई को इंसाफ होना तय है। केस से जुड़े सभी पहलुओं पर हम नजर बनाए हुए हैं और 17 मई के फैसले के बाद आगे की न्याय प्रकिया पर कानूनी विचार-विमर्श चल रहा है।